रायपुर। राज्य सरकार की ओर से अब संस्कृत भाषा के विकास में काम करने वाले विद्वानों को अब संस्कृत भाषा सम्मान दिया जाएगा. यह सम्मान ब्रह्मलीन राजेश्री महंत वैष्णव दास महाराज के नाम पर दिया जाएगा. जिन्होंने संस्कृत भाषा के विकास में अपना अतुल्यनीय योगदान दिया था. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार को राजधानी रायपुर के दूधाधारी मठ में आयोजित 9 दिवसीय दूधाधारी मठ महोत्सव के समापन के अवसर पर इसकी घोषणा की.


आपको बता दे कि आज दूधाधारी मठ के महंत ब्रह्मलीन राजेश्री वैष्णव दास की पुण्यतिथि भी है. दूधाधारी मंदिर ट्रस्ट द्वारा हर वर्ष उनकी पुण्य स्मृति में 9 दिवसीय संगीतमय रामकथा और भक्त-संत सम्मेलन का आयोजन किया जाता है. मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उपस्थित होकर राम कथा का श्रवण किया और रामचरितमानस की आरती में शामिल हुए. उन्होंने व्यास महाराज का स्वागत कर उनसे प्रदेश की सुख समृद्धि के लिए आशीर्वाद ग्रहण किया. इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा भी उपस्थित थ.