लॉकडाउन से बिगड़ी अर्थव्यवस्था, छत्तीसगढ़ सरकार ने खर्चों पर लगाम कसने लिए कई फैसले, नई नियुक्तियों के साथ तबादले और वेतन वृद्धि पर अंकुश…

रायपुर। कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन का असर अर्थव्यवस्था पर पड़ने लगा है, और इसके संकेत नजर आते ही छत्तीसगढ़ सरकार ने विभागीय कटौती पर लगाम कसने के साथ नई नियुक्तियों, तबालदों और वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी है.

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छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी राघवेंद्र कुमार की ओर से सभी विभागों, राजस्व मंडल अध्यक्षों, संभागायुक्तों, विभागाध्यक्षों और कलेक्टरों को जारी 3 पन्नों के पत्र में शासकीय व्यय में मितव्ययिता और वित्तीय अनुशासन की बात कही है. इसमें नए पदों का निर्माण, स्थानांतरण, महंगे होटलों में बैठकें, विदेश यात्रा और नए वाहनों की खरीदी पर रोक लगाने के साथ रिक्त पदों पर भर्ती, पदोन्नति, वार्षिक वेतन वृद्धि में मितव्ययता बरतनी होगी. वित्त विभाग का यह आदेश 31 मार्च 2021 तक लागू रहेगा.

पीएससी के जरिए सीधी भर्तियों को छोड़कर…

वित्त विभाग के निर्देश के तहत लोक सेवा आयोग से भरे जाने वाले सीधी भर्ती के रिक्त पदों एवं अनुकंपा नियुक्ति के पदों को छोड़कर शेष सभी भर्ती के रिक्त पदों को भरने के पहले वित्त विभाग की अनुमति ली जाएगी. जिन पदों के लिए वित्त विभाग से भर्ती की अनुमति प्राप्त हो चुकी है, किन्तु नियुक्ति शेष है, उनके लिए भी वित्त विभाग की अनुमति पुनः प्राप्त की जाएगी. ऐसे प्रस्ताव को वित्त विभाग में भेजते समय इन पदों की पूर्ति पर आने वाले वार्षिक वित्तीय भार तथा पदों की पूर्ति की आवश्यकता का औचित्य दर्शाया जाएगा.

पदोन्नति-क्रमोन्नति में रखना होगा ध्यान

वित्त विभाग ने कहा है कि विभागों द्वारा नियमित पदोन्नति में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाए, किन्तु पदोन्नति के परिणाम स्वरूप होने वाले स्थानांतरण को रोकने के लिए याथसंभव उस पद को उसी स्थान पर आगामी आदेश तक अस्थाई तौर पर उन्नयन कर दिया जाए. पदोन्नति-क्रमोन्नति के फलस्वरूप देयक एरियर्स राशि के भुगतान को वित्त विभाग के आगामी आदेश तक विलंबित रखा जाए. विभागों के स्थापना व्यय में वृद्धि को नियंत्रित रखने की दृष्टि से सभी शासकीय विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, निकायों में नवीन पद सृजन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई गई है. विशेष परिस्थितियों में वित्त विभाग की सहमति से ही नवीन पद सृजित किए जा सकेंगे.

समन्वय में ही न्यूनतम स्थानांतरण

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी स्थानांतरण नीति के अनुसार स्थानांतरण पर प्रतिबंध है. स्थानांतरण केवल समन्वय में अनुमोदन के बाद ही किया जाएगा. स्थानांतरण पर अतिरिक्त व्यय भार को ध्यान में रखते हुए विभागों से यह अपेक्षा की गई है कि समन्वय में भी न्यूनतम स्थानांतरण किया जाए और अति आवश्यक होने पर स्वयं के व्यय पर स्थानांतरण को प्राथमिकता दिया जाए. लोक हित में वांच्छित अपवाद को छोड़कर राज्य शासन के व्यय पर विदेश यात्राओं पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. शासकीय अधिकारियों के बिजनेस क्लास से हवाई यात्रा और प्रथम श्रेणी में रेल यात्रा पर प्रतिबंध रहेगा. अनावश्यक एवं बिना सक्षम स्वीकृति के शासकीय भ्रमण प्रतिबंध रहेगा.

वीडियो कॉन्फ्रेंस और वेबीनार के जरिए बैठकें

विभागों को बैठकों का आयोजन न्यूनतम करने को कहा गया है. कांफ्रेंस, सेमिनार, शासकीय समारोह के आयोजनों में मितव्ययिता बरतने तथा अति आवश्यक बैठक-कार्यक्रम का आयोजन महंगे होटलों की बजाय शासकीय भवनों में करने के निर्देश दिए गए हैं. यथा संभव बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेंस एवं वेबीनार के माध्यम से आयोजित की जाए. आदेश में कहा गया है कि विभागों द्वारा अति आवश्यक नवीन योजनाओं को ही चालू वर्ष में प्रारंभ करने की कार्यवाही-प्रस्ताव प्रेषित किया जाए तथा पूर्व से संचालित योजनाओं की अलग से समीक्षा की जाए. जो योजनाएं वर्तमान परिप्रेक्ष्य में अनुपयोगी है. उनको समाप्त करने की कार्रवाई की जाए. इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान नवीन वाहनों का क्रय पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा. केवल अत्यावश्यक सेवाओं के लिए आवश्यक वाहनों का क्रय वित्त विभाग की अनुमति से किया जा सकेगा.

वेतन वृद्धि पर आगामी आदेश तक रोक

राज्य के शासकीय सेवकों को एक जुलाई 2020 और एक जनवरी 2021 में देय वार्षिक वेतन वृद्धि को आगामी आदेश तक विलंबित रखा गया है. किन्तु एक जनवरी 2021 एवं एक जुलाई 2021 से पूर्व सेवानिवृत्त होने वाले शासकीय सेवकों के मामले में यह लागू नहीं होगा. विभिन्न विभागों द्वारा संचालित व्यक्तिगत जमा खाता (पीडी एकाउंट), जो एक वर्ष की अवधि से प्रचलन में नहीं है, को तत्काल बंद करने तथा खाते में जमा राशि चालान के माध्यम से शासकीय कोष में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं. राज्य पोषित योजना के तहत प्रावधानित राशि जो कि संचित निधि से 31 मार्च 2020 तक अग्रिम आहरित कर बैंक खातों में रखी गई है को अर्जित ब्याज सहित 15 जून 2020 तक राज्य शासन के खाते में वापस जमा की जाएगी.

केवल कमिटेड एक्सपेंडिचर का भुगतान

वित्त विभाग द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि कतिपय केन्द्रीय योजनाओं में राशि बजट के माध्यम से प्राप्त होती है. ऐसी योजनाओं में बजट में प्रावधानित राशि के विरूद्ध 31 मार्च 2020 तक अग्रिम आहरित कर बैंक खाते में जमा राशि में से कमिटेड एक्सपेंडिचर, जो तत्काल किया जाना संभावित हो, का भुगतान कर शेष समस्त राशि अर्जित ब्याज सहित मुख्य शीर्ष 8443-के-डिपाजिट में 15 जून 2020 तक अनिवार्य रूप से जमा करने को कहा गया है. विभागों द्वारा भविष्य में आवश्यकतानुसार वित्त विभाग की अनुमति से के-डिपाजिट में जमा राशि विमुक्त कराई जा सकेगी.

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