छत्तीसगढ़ में कांवड़ यात्रा को मिलेगी अनुमति या लगेगी रोक: मंदिर समितियों ने कहा- नेताओं को रैलियों में छूट, फिर कावड़ यात्रा में क्यों नहीं ?

सुप्रिया पांडे,रायपुर। कोरोना महामारी को देखते हुए देश की राजधानी दिल्ली समेत कई राज्यों ने कांवड़ यात्रा (Kawad Yatra) पर रोक लगा दी है. लेकिन छत्तीसगढ़ में सरकार की तरफ से कांवड़ यात्रा को लेकर अभी तक कोई आदेश जारी नहीं हुआ है. जिससे संशय की स्थिति बनी हुई है. कुछ मंदिर समितियों ने मांग की है कि जब नेताओं की रैलियां निकल सकती हैं, सभाएं हो सकती हैं, तो कांवड़ यात्रा क्यों नहीं ?

जलाभिषेक की मिलनी चाहिए अनुमति

पंडित राजेश्वरानंद ने कहा कि संत महासभा के स्वामी चक्रपाणि ने बयान दिया है कि जब राजनेताओं के कार्यक्रम हो सकते हैं, तो जलाभिषेक क्यों नहीं हो सकती. कांवड़ यात्रा क्यों नहीं हो सकती. बाकी अन्य सभाएं हो सकती है, तो जलाभिषेक और कांवड़ यात्रा में किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए. हमारी यही मांग है कि छत्तीसगढ़ में कावड़ यात्रा निकाली जाए.

प्रशासन कांवड़ यात्रा की नहीं देगी अनुमति

इसे लेकर एडीएम एन आर साहू ने कहा कि पिछले साल भी कांवड़ यात्रा में प्रतिबंध लगाया गया था. इस बार भी सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ चुका है. कावड़ यात्रा को लेकर किसी ने अभी अनुमति नहीं मांगी है, लेकिन यदि कोई अनुमति की मांग करता है, तो हम उसे अनुमति नहीं देंगे. सामान्य रूप से पूजा पाठ करने के लिए कोई मनाही नहीं है.

इन तीन राज्यों ने लगाई है रोक

बता दें कि उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में कांवड़ यात्रा पर रोक लगा दी गई है. इन राज्य के सरकारों ने फैसला लिया गया है कोरोना को देखते हुए यात्रा का आयोजन नहीं किया जाएगा. 25 जुलाई से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा से सम्बंधित कोई भी जश्न, जुलूस या गैदरिंग आयोजित करने की अनुमति नहीं है.

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