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रायपुर। छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ ने राज्य विधानसभा के विशेष सत्र में लाये जाने वाले कृषि विधेयक पर चर्चा हेतु मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मिलने पत्र के माध्यम से अनुरोध किया है। पत्र में उन्होंने धान की शासकीय खरीदी पूर्व वर्षो की तरह 1 नवम्बर से रु 2500 प्रति क्विंटल की दर से करना सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया गया है। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष धान की फसल अच्छी होने की आशा है लेकिन सितंबर-अक्टूबर माह में अतिरिक्त वर्षा से धान की कटाई जल्दी करनी पड़ रही है। यही नहीं कोरोना महामारी के कारण किसानों की आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल असर पड़ा है।
पत्र में ये लिखा है-
उपरोक्त संदर्भित पत्र के तारतम्य में आपसे निवेदन है कि किसानों हित में आपने अभूतपूर्व कदम विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर उठाया है इस हेतु हम आपका आभार व्यक्त करते हैं ।
प्रदेश के 25 संगठनों का संयुक्त प्रयास छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ का प्रतिनिधि मण्डल नये कृषि कानून और राज्य विधानसभा के आगामी विशेष सत्र में लाये जा रहे किसान विधेयकों पर प्रदेश के किसानों की राय रखने आपसे मिलने का समय निर्धारित करने का अनुरोध करता है ।
प्रदेश के मुखिया होने के नाते हम किसानों के दर्द को अच्छे से समझकर आपने केंद्र सरकार के नये कानून के खिलाफ नया किसान हितैषी कानून बनाने का फैसला किया है यह अत्यंत सराहनीय है।
किसानों के प्रति आपकी संवेदनशीलता से हम सभी परिचित हैं। आपने अपने वादे के अनुरूप किसानों का कर्जा माफ किया और रु 2500 प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी कर दिखाया।
इस वर्ष धान की फसल अच्छी होने की आशा है लेकिन सितंबर-अक्टूबर माह में अतिरिक्त वर्षा से धान की कटाई जल्दी करनी पड़ रही है । यही नहीं कोरोना महामारी के कारण किसानों की आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल असर पड़ा है। अतः हम आपसे निवेदन करते हैं कि इस वर्ष धान की शासकीय खरीदी पूर्व वर्षो की तरह 1 नवम्बर से रु 2500 प्रति क्विंटल की दर से करना सुनिश्चित किया जाये।
इसी संदर्भ में किसानों की जर्जर आर्थिक स्थिति की चर्चा एवम नये विधेयक को बेहतर करने हेतु हम आपसे एक मीटिंग विधानसभा सत्र के पूर्व करने का अनुरोध करते हैं। कृपया 27 अक्टूबर से पूर्व का कोई भी समय अपने व्यस्त कार्यक्रम से निकाल कर हम किसानों के लिये तय कर हमें अनुग्रहित करें।