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खसरा का अलर्ट : महाराष्ट्र में फैले ‘प्रकोप’ से छत्तीसगढ़ भी हो सकता है प्रभावित, बच्चों में ज्यादा फैल रही ये बीमारी, जानिए लक्षण और बचाव

रायपुर. कोरोना महामारी के बाद अब खसरा वायरस ने देश-दुनिया को डरा दिया है. खसरा एक संक्रामक रोग है. ये एक व्यक्ति से दूसरे में तेजी से फैलता है. ये वायरस बच्चों को ज्यादा अपनी चपेट में ले रहा है. मुंबई में 1 महीने में खसरा रोग से 13 लोगों की मौत हो चुकी है. एक रिपोर्ट के अनुसार 533 लोगों में रोग की पुष्टि हुई है. मुंबई में 1 महीने में ही इसके मामले 25 गुना बढ़ गए हैं.

महाराष्ट्र की सीमा से लगे प्रदेश के क्षेत्रों को अलर्ट होने की ज्यादा जरूरत है. बता दें कि संक्रमित व्यक्ति जब खांसते या छींकते हैं, तो संक्रमण हवा में फैल जाता है. पहले छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस भी राजनांदगांव के रास्ते ही प्रवेश किया था. इसके बाद महामारी का रूप ले लिया. इसमें भी लोगों को सावधानी बरतने की जरुरत है.

टीकाकारण अत्याधिक प्रभावी : डब्ल्यूएचओ
डब्ल्यूएचओ (WHO) ने चेतावनी जारी कर बताया कि दुनिया में वर्ष 2021 में 4 करोड़ बच्चों को वैक्सीन नहीं लगी है. डब्ल्यूएचओ के अनुसार, खसरे के खिलाफ टीकाकरण अत्यधिक प्रभावी है और इस बात की बहुत कम संभावना है कि जिस बच्चे को टीका लगाया गया है, उसे ये बीमारी हो. भारत में ये टीका मुफ्त में दिया जाता है.

भारत में खसरे का प्रकोप

केंद्र ने महाराष्ट्र, राजस्थान, बिहार में हाईलेवल कमेटी गठित कर तीन सदस्यों वाली टीमों को तैनात करने का निर्णय लिया है. यह टीमें सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों को स्थापित करने में राज्य स्वास्थ्य प्रधिकरणों को सहयोग करेंगी. डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट में बताया गया कि 2 करोड़ 50 लाख बच्चे अपनी पहली खुराक नहीं ले पाए हैं. जबकि 1 करोड़ 47 लाख बच्चों ने अपनी दूसरी खुराक मिस कर दी. यही वजह रही कि दुनिया के करीब 22 देशों को इस बीमारी के भयंकर प्रकोप का सामना करना पड़ा.

क्या है खसरा (मीजल्स रूबेला)

खसरा रोग संक्रामक वायरस के कारण होने वाला एक संक्रमण रोग है. ये वायरस छोटे परजीवी रोगाणु होते हैं. एक बार जब आप संक्रमित हो जाते हैं, तो वायरस शरीर में मौजूद कोशिकाओं पर आक्रमण करना शुरू कर देते है. अपने जीवन चक्र को पूरा करने के लिए सेलुलर घटकों का उपयोग करता है. खसरा होने पर इसमें पूरे शरीर पर लाल चकत्ते उभर आते हैं. खसरा होने पर यह लाल दाने शरूआत में सिर पर होते हैं और फिर धीरे-धीरे पूरे शरीर पर फैल जाते हैं.

मीजल्स के लक्षण

बता दें कि इस बीमारी के लक्षण वायरस के संपर्क में आने के 10 से 14 दिनों के बाद दिखाई देना शुरू होते हैं. इसके कुछ लक्षण हैं- बुखार, सूखी खांसी, बहती नाक, गला खराब होना, आंखें मे सूजन, गाल की अंदरूनी परत पर मुंह के अंदर छोटे सफेद धब्बे (कोप्लिक स्पॉट).

क्या हैं बचाव ?

खसरा रोग का बचाव सिर्फ और सिर्फ वैक्सीन है. टीकाकरण से ही 97 प्रतिशत तक इस बीमारी से बचा जा सकता है. संक्रमित व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को बीमार कर सकता है. ऐसे में बेहद सजग रहने की जरूरत होती है. संक्रमित व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल की गई चीजें जैसे चादर, तोलिया, साबुन कोई भी अन्य व्यक्ति यूज न करे. अगर घर में किसी व्यक्ति को मीजल्स हुआ है तो उसकी साफ-सफाई का खास ख्याल रखा जाना चाहिए.

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