Bihar News: बिहार की राजधानी पटना से एक बड़ी खबर सामने आई है. जहां मुख्य अभियंता तारिणी दास को मुख्य अभियंता के पद से हटा दिया गया है. साथ ही उनकी संविदा नियुक्ति को भी रद्द कर दिया गया है. गौरतलब है कि कल गुरुवार को ED की रेड में चीफ इंजीनियर तारिणी दास के ठिकानों से करोड़ों रुपए के कैश बरामद किए गए थे, जिसके लिए नोट गिनने की मशीन मंगानी पड़ी थी. इस कार्रवाई के बाद से ही सीएम नीतीश की सरकार पर सवाल उठ रहे थे.

तारिणी दास की नियुक्ति रद्द

जारी नोटिफिकेशन के अनुसार तारिणी दास को रिटायरमेंट के बाद भवन निर्माण विभाग में मुख्य इंजीनियर के पद पर संविदा पर नियुक्त किया था. लेकिन नियुक्ति के बाद उन पर बिना अनुमोदन प्राप्त किए निविदा रद्द कर दिया गया है, जिस पर उनसे स्पष्टीकरण मांगे जाने पर भी कोई जवाब नहीं दिया गया. इसी निर्धाति अवधि से कम समय के लिए बीओक्यू अपलोड करने के आरोप में स्षष्टीकरण की मांग की गई थी. लेकिन उन्होंने इसका संतोषजनक उत्तर नहीं दिया था.

ठेकेदार को मदद के बदले मोटी रकम की रिश्वत

दरअसल, मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी ने कल 27 मार्च को पटना के सात विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की थी. इस दौरान 11 करोड़ 64 लाख रुपए नकद बरामद किए गए थे. इसके अलावे कई अन्य दस्तावेज मिले थे. सबसे बड़ी कार्रवाई भवन निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता तारिणी दास पर की गई थी. इन अधिकारियों पर आरोप है कि टेंडर में खास ठेकेदार को मदद के बदले मोटी रकम रिश्वत और बिल क्लीयरेंस में धन की उगाही की है.

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