कुमार इंदर, जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर में आयोजित वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस में शामिल होने पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा भगवान राम के जीवन पर वाल्मीकि रामायण, कंब रामायण, तुलसीदास महाराज की रामायण सहित अनेक ग्रंथ रचे गए हैं। देश के अंदर शायद ही कोई ऐसी भाषा हो, जिसमें रामायण का अनुवाद न हुआ हो या भगवान राम के जीवन चरित्र का गान न किया गया हो।

शत्रुओं के प्रति भी उन्होंने मर्यादा में रहकर व्यवहार किया

न केवल हमारे देश में, बल्कि पूरी दुनिया में जिन पवित्र ग्रंथों की सर्वाधिक चर्चा होती है, उनमें रामायण एक प्रमुख और पावन ग्रंथ है। चाहे कंबोडिया हो, इंडोनेशिया हो, जकार्ता हो या फिर जापान तक अनेक देशों में रामायण के पात्रों को अपने-अपने सांस्कृतिक रूपों और पारिवारिक भावों के साथ प्रस्तुत किया जाता है और भगवान राम की आराधना की जाती है। भगवान राम का जीवन आदर्श पति, आदर्श पुत्र, आदर्श पिता और आदर्श मित्र के रूप में प्रस्तुत होता है। शत्रुओं के प्रति भी उन्होंने मर्यादा में रहकर व्यवहार किया।

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मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम का जीवन अद्भुत और अनुकरणीय

मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम ने जिस प्रकार अपना संपूर्ण जीवन जिया, वह अद्भुत और अनुकरणीय है। आज मैं ऋषि भूमि जबलपुर में आयोजित रामायण मेले में उपस्थित हुआ, जहां मध्य प्रदेश सरकार भी सह-प्रायोजक है। पूर्व मंत्री एवं विधायक अजय विष्णोई, डॉ. अखिलेश, गुमास्ता जी, ज्ञानेश्वरी दीदी सहित अनेक लोग मिलकर हर तीन वर्ष में आयोजन करते हैं। इस अवसर पर देश और दुनिया भर के विद्वानों को आमंत्रित किया जाता है। आज के इस आयोजन में भारत सरकार के संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत तथा पद्मभूषण जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज की गरिमामयी उपस्थिति रही।

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