मशहूर बाल टीवी कलाकर की दर्दनाक सड़क हादसे में मौत, माता-पिता की हालत नाजुक, रायुपर-बिलासपुर हाइवे पर हुआ हादसा

रायपुर। राजधानी रायपुर के धरसीवां में हुए भीषण सड़क हादसे में बॉलीवुड के बाल टीवी कलाकार शिवलेख सिंह की दर्दनाक मौत हो गई है. जबकि माता-पिता को गंभीर चोटें आई है. शिवलेख बालवीर, संकट मोचन हनुमान और ससुराल सिमर का जैसे कई मशहूर टीवी शो के लिए काम कर चुके हैं. यह हादसा ट्रेलर और कार में जबरदस्त टक्कर से हुई है.

मिली जानकारी के अनुसार बाल कलाकार शिवलेख सिंह उर्फ अनु सिंह जांजगीर के नरियरा गांव का रहने वाला था. कार में चार लोग सवार थे, पिता शिवेंद्र सिंह, मां लेखना सिंह, नवीन सिंह को गंभीर रूप से घायल है, उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. जहां इलाज जारी है.

पूरा परिवार कार क्रमांक सीजी 10 एनसी 6335 में सवार होकर रायपुर आए हुए थे. वापस रायपुर से बिलासपुर मार्ग घर जा रहे थे, तभी तेज रफ्तार ट्रेलर ने देवरी के समीप कार को जोरदार टक्कर मारी दी. टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के परखच्चे उड़ गए हैं.

जानिए कौन है शिवलेख सिंह

अकलतरा ब्लाक के नरियरा निवासी शिवेन्द्र प्रताप सिंह और लेखना सिंह के पुत्र शिवलेख सिंह (14) वर्षी के बचपन से ही गीत-संगीत, नृत्य एवं नाटक के प्रति आकर्षण देखकर उसके अभिभावकों के द्वारा बिलासपुर से मुम्बई में जाकर शिवलेख सिंह को अपने अन्दर छिपी हुई प्रतिभा को तरासने का अवसर प्रदान करने का निर्णय लिया गया. मुम्बई में विभिन्न सीरियलों एवं फिल्मों के लिए लिये जाने वाले ऑडिशन में अपनी अभिनय क्षमता प्रदर्शित करने के बाद शिवलेख सिंह को इंडिया बेस्ट ड्रामेबाज में अपनी पहचान बनाने का मंच मिला. इंडिया बेस्ट ड्रामेबाज के बाद शिवलेख ने पीछे मुड़कर नहीं देखा एवं एक के बाद एक सोनी टीवी के संकट मोचन हनुमान, कलर्स के ससुराल सिमर का, सब टीवी के खिड़की, बालवीर, श्रीमानजी श्रीमतीजी, बिग मैजिक के अकबर बीरवल, एंड टीवी के अग्निफेरा सहित कई सीरियलों में अपनी प्रतिभा का जलवा बिखेर कर दर्शकों, सीरियल एवं फिल्म निर्माताओं का मन मोह लिया.

अभिनय के क्षेत्र में लगातार काम करने के बाद भी शिवलेख सिंह समय निकालकर अपनी पढ़ाई पर भी पूरा ध्यान देता था. आने वाले समय में वे रेमो डिसूजा की फिल्म एवं श्रीनाथ नामक धार्मिक कहानी पर बन रही फिल्म में बड़े पर्दे पर नजर आने वाले थे. इन फिल्मों के अतिरिक्त शिवलेख सिंह के पास कई फिल्मों का आफर था. नरियरा जैसे छोटे से ग्राम से निकलकर मुम्बई जैसे महानगर में छोटे पर्दे एवं सिनेमा में अपनी पहचान बनाना असाधारण बात है. शिवलेख की प्रसिद्धि से प्रेरित होकर क्षेत्र के कई कलाकार गीत-संगीत, नृत्य, नाटक एवं अभिनय के क्षेत्र में हाथ आजमाने का प्रयास कर रहे हैं. शिवलेख की प्रसिद्धि से क्षेत्रवासियों में भी खासा उत्सुकता दिखाई देती थी अपर आज वे इस दुनिया में नहीं रहे.

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