कुंदन कुमार, पटना। खगड़िया में कल सोमवार को बिहार की सियासत का एक अलग ही रंग देखने को मिला। दरअसल जिले से एक ऐसी तस्वी समाने आई, जिसने सालों की राजनीतिक दूरी और गर्माहट को पलभर में समेट लिया। यह सब उस समय हुआ, जब कल सोमवार को केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने एक कार्यक्रम के दौरान अपने चाचा पशुपति कुमार पारस के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया और बदले में पशुपति पारस ने भी चिराग को गले लगाकर उन्हें अपना आशीर्वाद दिया।

दिवंगत चाचा को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे चिराग

दरअसल खगड़िया में चिराग पासवान के दिवंगत चाचा अर्जुन पासवान की याद में शहरबन्नी स्थित पैतृक आवास पर एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया था। इस मौके पर पासवान परिवार के सदस्य और बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद थे। इस मौके पर चिराग ने चाचा अर्जुन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

बड़ी मां के गले लगकर खूब रोया

इसके बाद चिराग पासवान अपनी बड़ी मां राजकुमारी देवी के पास पहुंचे और पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। चिराग ने जैसे ही अपनी बड़ी मां के पैर छुए उन्होंने उन्हें गले लगा लिया। इस दौरान चिराग भी अपनी आंखों से आंसू नहीं रो सके। चिराग काफी देर तक अपनी बड़ी मां के गले लगकर रोते रहे, इस दौरान माहौल भावुक हो गया।

चाचा पशुपति पारस के छुए पैर

इसके बाद चिराग ने अपने चाचा पशुपति पारस के भी पैर छुए, जिस पर पारस ने उन्हें ‘खुश रहो’ और दीर्घायु होने की कामना की कहकर आशीर्वाद दिया। वहीं, चिराग ने अपने चचेरे भाई प्रिंस राज से भी गले मिले। इन मुलाकात के बाद बताया जा रहा है कि पासवान परिवार के बीच रिश्तों में आई कड़वाहट की बर्फ अब पिघल चुकी है। कार्यक्रम के दौरान समर्थकों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। “धरती-आसमान गूंजे रामविलास पासवान” जैसे नारों से माहौल गूंज उठा।

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