गयाजी। शहर के एयरपोर्ट पर तैनात CISF जवान मुकेश सिंह की हरियाणा पुलिस की कस्टडी में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों और पुलिस प्रशासन के बीच बयानों का दौर जारी है।

​परिजनों का आरोप

​मृतक जवान की पत्नी रीमा देवी और बेटे दुर्गेश सिंह ने हरियाणा पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों के अनुसार, 26 फरवरी को जब मुकेश एयरपोर्ट पर ड्यूटी पर थे, तब हरियाणा पुलिस उन्हें बिना किसी गिरफ्तारी वारंट के जबरन उठा ले गई। पत्नी का दावा है कि मुकेश ने फोन पर अपनी जान को खतरा बताया था और पुलिस ने उनकी पीट-पीटकर हत्या की है। बेटे ने यह भी सवाल उठाया कि उसके पिता को कोई बीमारी नहीं थी, तो अचानक हार्ट अटैक कैसे आ सकता है?

​फ्रॉड केस और हार्ट अटैक

​मगध मेडिकल थानाध्यक्ष कृष्ण सिंह के अनुसार, मुकेश सिंह हरियाणा के बहादुरगढ़ में दर्ज एक धोखाधड़ी (फ्रॉड) के मामले में आरोपी थे। हरियाणा पुलिस ने नियमानुसार CISF अधिकारियों को वारंट दिखाकर उन्हें हिरासत में लिया था। पुलिस का दावा है कि जवान की मौत हार्ट अटैक से हुई है।

​CISF की चुप्पी और कानूनी कार्रवाई

​घटना के बाद CISF के अन्य जवान अस्पताल पहुंचे, लेकिन किसी भी अधिकारी ने अब तक आधिकारिक बयान नहीं दिया है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। इंस्पेक्टर कृष्ण सिंह ने आश्वासन दिया है कि यदि पीड़ित पक्ष लिखित आवेदन देता है, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।