जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विकसित भारत गारंटी रोजगार और आजीविका मिशन (वीबी-जी रामजी) को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कमजोर प्रशासन और भ्रष्टाचार के कारण मनरेगा अपने मूल उद्देश्यों को हासिल नहीं कर पा रही थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार अब वीबी-जी रामजी अधिनियम-2025 लेकर आई है, जिसमें पुरानी खामियों को दूर कर नई सुविधाएं जोड़ी गई हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की नीयत और नीतियों के कारण मनरेगा के तहत होने वाले कार्य भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ते रहे. वीबी-जी रामजी योजना को इन्हीं अनुभवों के आधार पर नए स्वरूप में लागू किया गया है. इस योजना के तहत रोजगार की गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है, जिससे ग्रामीण श्रमिकों को अधिक अवसर मिलेंगे.

वीबी-जी रामजी बिल-2025 की प्रमुख विशेषताएं

  • रोजगार गारंटी 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन.
  • पहले योजना का पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाती थी, अब इसमें राज्यों की भी 10 से 40 प्रतिशत तक हिस्सेदारी होगी.
  • बोवाई और कटाई के 60 दिनों के दौरान रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाएगा, ताकि कृषि कार्यों के लिए श्रमिकों की उपलब्धता बनी रहे.

कांग्रेस पर भ्रामक प्रचार का आरोप

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर भ्रामक प्रचार फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस के पास तथ्य नहीं, केवल भ्रम फैलाने की राजनीति बची है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में विकास के बजाय भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया और अब उसी मानसिकता के तहत वीबी-जी रामजी को लेकर गलत जानकारियां फैलाई जा रही हैं.

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के उस आरोप को भी खारिज किया, जिसमें कहा जा रहा है कि केंद्र सरकार इस योजना के लिए पूरा फंड नहीं देगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि वीबी-जी रामजी सहकारी संघवाद का मॉडल है, जिसमें राज्यों की भागीदारी बढ़ाकर जवाबदेही सुनिश्चित की जा रही है. इससे योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और प्रभावशीलता दोनों बढ़ेंगी.