‘नरवा, गरुवा, घुरवा अऊ बारी’ को अंजाम देने इसरो का लिया जाएगा सहारा, CM बघेल ने बैठक में दिए अधिकारियों को निर्देश…

रायपुर।  ‘नरवा, गरुवा, घुरवा अउ बारी‘ एक दीर्घकालिक और खेती किसानी तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने की योजना है. इसलिए जरूरी है कि इस कार्य में जहां इसरो के माध्यम से किए गए साइंटिफिक मेपिंग आदि का उपयोग किया जाए, सभी कार्याें को गुणवत्तापूर्ण और योजनाबद्ध तरीके से जन सहभागिता से लागू किया जाए. यह बात मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अधिकारियों के साथ नरवा, गरुवा, घुरुवा अऊ बारी की समीक्षा करते हुए कही.

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित अपने कार्यालय में राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राज्य की महत्वाकांक्षी योजना ‘नरवा, गरुवा, घुरवा अउ बारी‘ के प्रस्तावित कार्याें पर विचार मंथन किया और इस योजना के तहत अभी तक किए गए कार्याे की समीक्षा की. बैठक में प्रदेश के मुख्य सचिव सुनील कुजूर, अपर मुख्य सचिव आरपी मंडल, केडीपी राव, सीके खेतान, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी, मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.

महानदी में बनेगा डाइक वॉल

मुख्यमंत्री बघेल ने अधिकारियों से बिलासपुर जिले की अरपा नदी के कैचमेंट एरिया के नालों को पुनर्जीवित करने के लिए इनका ट्रीटमेंट प्रारंभ करने के निर्देश दिए. वहीं भू-जल स्तर में खारे पानी की बढ़ने की शिकायतों को देखते हुए वर्षा के माध्यम से मिलने वाले पानी को सतह पर ही तालाब, नालें आदि के माध्यम से रोकें, वहीं जमीन की नमी को बढ़ाये और भू-जल स्तर को ऊंचा उठाने की बात कही. उन्होंने राज्य के आर्सेनिक, फ्लोराइड और आयरन प्रभावित क्षेत्रों में विशेष रूप से सतही जल स्त्रोतो एवं तालाबों को बढ़ावा देने पर जोर दिया. उन्होंने महानदी के रेतीले क्षेत्रों में डाइक वॉल बनाने के निर्देश भी दिए.

गौठानों के लिए जमीन आवंटित

बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव आरपी मण्डल ने बताया कि प्रदेश के 27 जिलों में 1866 गौठान स्वीकृत किए गए हैं. प्रत्येक गौठान के लिए 5-6 एकड़ के मान से कुल 9 हजार 999 एकड़ जमीन आवंटित की गई है. हर विकासखण्ड में दो-दो माॅडल गौठान स्वीकृत किए गए है. गौठानों के विकास के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत लगभग 305 करोड़ रूपए की राशि स्वीकृत की गई है. इसी तरह 27 जिलों में 847 चारागाहों के विकास के लिए लगभग 59 करोड़ रूपए की राशि स्वीकृत की गई है. चारागाहों के लिए 13 हजार 382 एकड़ जमीन आवंटित की गई है.

1385 नरवा योजना के कार्य स्वीकृत

अपर मुख्य सचिव केडीपी राव ने ‘नरवा, गरुवा, घुरवा अउ बारी‘ योजना के तहत कार्यकारी स्ट्रक्चर की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य और जिला स्तर पर चार -चार समितियों का गठन किया गया है. उन्होंने बताया कि प्रदेश में नरवा योजना के अंतर्गत 1385 कार्य स्वीकृत किए गए है, जिसमें 313 कार्य प्रारंभ हो चुके हैं. राज्य में 1 लाख 7 हजार घुरूवे का निर्माण किया गया है, और 69 हजार 274 बाडी का लक्ष्य हैं, जिसमें से 7262 बाडी में पौध रोपण का कार्य प्रगति पर है. अपर मुख्य सचिव सीके खेतान ने बताया कि नरवा के अंतर्गत छोटे नालों का पानी प्राकृतिक स्थल के अनुरूप जगह-जगह रोक कर वाटर रिचार्जिंग को बढ़ावा देना है. इसके लिए अनेक नालों का डीपीआर तैयार किया गया है. हर विकासखण्ड में नालों का चिन्हांकन किया गया है.

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