CM भूपेश बघेल ने कहा, आदिवासियों के लिए नक्सली जितने बड़े खतरे उतने जवान भी, हमने खोया है विश्वास…

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रायपुर। आदिवासी के जितने बड़े दुश्मन नक्सली हैं, उतना ही बड़ा खतरा वे जवान को समझते हैं. आदिवासियों को विश्वास होना चाहिए कि जवान उनकी सुरक्षा के लिए है. चर्चा की अभी शुरुआत की है, कई दौर की चर्चा करते हैं. हमने विश्वास खो दिया है. हमे समझना पड़ेगा कि वो चाहते क्या हैं. यह बात मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने निजी कार्यक्रम में कही.

कार्यक्रम में प्रबुद्धजनों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खुलकर अपने मन की बात कही. उन्होंने कहा कि अजीब प्रदेश है हमारा. मदनवाड़ा में 24 जवान शहीद हो गए और उससे बड़ा अधिकारी गैलेंट्री अवार्ड ले जाता है. इसकी जांच होनी चाहिए. संसद और विधानसभा में इन विषयों पर चर्चा इसलिए नहीं होती क्योंकि समाज मे चर्चा नहीं होती. पुलवामा के बारे में चर्चा करते हैं, सवाल करते हैं तो अपराधी बन जाते हैं. सवाल अब भी बरकरार है कि घटना का जिम्मेदार कौन है, आरडीएक्स कैसे पहुंच गया.

सड़क, नाली, बिजली ही क्या विकास है

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूनिफाइड कमांड की बैठक में मैंने कहा जैसे-जैसे फ़ोर्स बढ़ता गया नक्सलवाद बढ़ता गया. बस्तर में सड़क फोर्स मूवमेंट के लिए बनाई जा रही है. आपकी दृष्टि में फर्क आ गया है. ताड़मेटला में 76 जवान शहीद हुए लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा क्यों नहीं हुई. जवान से बंदूक लूट ले जाते हैं, लेकिन करतूस कहां से मिलता है. इस दिशा में चर्चा नहीं होती. मैंने कहा इसे ही रोक दो. लोग कहते हैं जहां शोषण है, माओवाद है. छत्तीसगढ़ में दिखाई देता है. विकास क्या है सड़क, बिजली, नाली! क्या यही विकास है, या इसके मायने कुछ और नहीं. क्या विकास के मायने रोज़गार, शिक्षा और स्वास्थ्य नहीं है. बस्तर में शिक्षा को सबसे बड़ा नुकसान पहुंचा है.

गौ रक्षा के नाम पर बढ़ रही वैमनस्यता

वनवासियों को वनाधिकार पट्टे नहीं मिले. हमने विश्वास लिया, सरगुजा जाकर अधिकारियों को बताया कि ये ज़मीन आदिवासियों की है. ये जंगल सबसे पहले समुदाय फिर व्यक्ति विशेष की है. लोगों को समझना चाहिए कि तंत्र जनता के लिए है. वही गौ रक्षा पर कहा कि गौ रक्षा के लिए वैमनस्यता बढ़ती जा रही है. गौ के नाम पर हत्या, लूटपाट और वसूली हो रही है. किसान फसल नहीं बचा पा रहे हैं. 30 प्रतिशत एक्सीडेंट मवेशियों के कारण. जो ताक़त थी हमारी पशुधन वो कमज़ोरी बन गई है. 1800 पंचायतों में 300-400 गौठान बन गए हैं. मवेशी वहीं रह जाएंगे. चारा से गाय दुबली और गौपालक मोटे होते गए.

मटके से बोतल में आ गया है पानी

चर्चा में मुख्यमंत्री बघेल ने अपने नरवा, गरुवा, घुरुवा और बारी का जिक्र करते हुए कहा कि पानी मटके से बोटल में आ गया. वाटर रिचार्जिंग का मॉडल हमने नहीं बनाया. अनुपम मिश्र के कार्यशाला में वाटर रिचार्जिंग सिस्टम और महाराष्ट्र में मैंने अध्नयय किया. वाटर रिचार्ज ऐसा हो कि फ्लो नाले के शुरुवात हो. बड़े उद्योग लगाने पर बोले भूपेश बोले सबसे ज़्यादा स्टील का डिमांड कहाँ है. आपने तैयार क्यों नहीं किया. इंटीग्रेटेड प्लांट क्यों तैयार नहीं किया. अगर एल्युमिनियम यहां है तो ऑटोमोबाइल का प्लांट यहां क्यों नहीं है.

कर्ज माफी-धान खरीदी से किसानों को मिले पैसे

पूरे देश मे ऑटोमोबाइल में 20 प्रतिशत कमी आई है, लेकिन छत्तीसगढ़ में 26 फीसदी बढ़ा है, क्योंकि कर्जमाफी और धान खरीदी से किसानों के पास पैसे आए. खनिज आधारित उद्योग कम करें. वनोपज से जुड़ा उद्योग नहीं. आप दुकान कितनी भी बड़ी सजा लीजिये, अगर ग्राहक के पास पैसे नहीं होगा तो दुकान नहीं चलेगी. बड़े उद्योग की कर्ज़ माफी से कुछ नही होगा. आप छत्तीसगढ़ में खूब चर्चा करिये यहां कोई बंदिश नहीं है.

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