Supreme court Hearing On CM Himanta Biswa Sarma Shooting Video Case: सुप्रीम कोर्ट ने असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ वायरल वीडियो पर कार्रवाई की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है। बेंच ने कहा कि पहले मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में की जाए। लिहाजा आप लोग गुवाहाटी हाईकोर्ट में याचिका दायर करें। बेंच ने हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र को नजरअंदाज करने के खिलाफ चेतावनी दी और कहा कि उसके अधिकार को कम नहीं आंकना चाहिए। वीडियो में सीएम को एक खास समुदाय के सदस्यों पर राइफल से निशाना साधते और फायरिंग करते हुए दिखाया गया था।
सोमवार को याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और विपुल एम पंचोली की बेंच ने कहा कि चुनाव से पहले कोर्ट का दरवाजा खटखटाना ट्रेंड बन गया है, ये ठीक नहीं है। कोर्ट ने सवाल किया कि याचिकाकर्ताओं ने पहले हाई कोर्ट का दरवाजा क्यों नहीं खटखटाया? दरअसल सुप्रीम कोर्ट हिमंता के खिलाफ लगाई गई तीन याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था। दो याचिकाएं CPI(M) और CPI ने लगाई थीं। तीसरी याचिका असम के चार लोगों ने मिलकर दायर की थीं।
सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया कि वह राजनीतिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहता। चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया, जिसे ‘राजनीतिक लड़ाई के लिए बेहतर अखाड़ा’ बताया गया। वरिष्ठ वकील एएम सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि यह मामला संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत आता है, इसलिए सुप्रीम कोर्ट में ही सुनवाई होनी चाहिए। उन्होंने मामले की जांच के लिए एसआईटी (विशेष जांच दल) गठित करने की मांग की। क्यों सरमा ने विवादित बयान सिर्फ असम ही नहीं बल्कि देश के राज्यों में दिए हैं।
कांग्रेस ने सबसे पहले उठाया था वीडियो का मुद्दा
दरअसल, 8 जनवरी को कांग्रेस ने दावा किया कि असम बीजेपी X हैंडल से एक वीडियो पोस्ट किया गया जिसमें असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा मुसलमानों को गोली मारते दिख रहे हैं। कांग्रेस ने कहा कि ये वीडियो अल्पसंख्यकों की टार्गेटेड पॉइंट-ब्लैंक हत्या को बढ़ावा देने जैसा है। कांग्रेस का दावा है कि वीडियो डिलीट कर दिया गया है। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत के X हैंडल पर दिख रहे वीडियो में नजर आ रहा है कि असम मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा कथित तौर पर एक राइफल से निशाना साधते और दो लोगों पर गोली चलाते हुए दिख रहे थे। निशाने में दिख रही तस्वीर में एक ने टोपी पहनी थी और दूसरे की दाढ़ी थी। इसका कैप्शन पॉइंट-ब्लैंक शॉट था। श्रीनेत के शेयर किए गए वीडियो में असम की भारतीय जनता पार्टी का X अकाउंट नजर आ रहा है। कांग्रेस प्रवक्ता ने लिखा- यही है असली बीजेपी: सामूहिक हत्यारे। यह जहर, नफरत और हिंसा आप पर है, मिस्टर मोदी। उन्होंने पूछा कि क्या अदालतें और अन्य संस्थाएं सो रही हैं?

वीडियो की पूरे देश में हुई थी निंदा
असम बीजेपी के एक्स अकाउंट पर डाली गई असम मुख्यमंत्री की विवादित वीडियो की निंदा पूरे देश में हुई है। भले ही बीजेपी ने इसे अपने एक्स अकाउंट से हटा लिया, लेकिन इसका विरोध अभी भी बनी हुई है। वीडियो पर कांग्रेस ने कहा था कि ये वीडियो बीजेपी की विचारधारा को दिखाती है, वह हिंसा को बढ़ावा देकर देश पर राज करना चाहते हैं।
हिमंत के मियां मुसलमान बयान पर भी हो चुका है विवाद
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 27 जनवरी को कहा था कि राज्य में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में 4 से 5 लाख मिया मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाएंगे। उन्होंने कहा था कि हिमंत बिस्व सरमा और भाजपा सीधे तौर पर मिया समुदाय के खिलाफ हैं। उन्होंने लोगों से मिया समुदाय को परेशान करने की अपील की। उनका कहना था कि जब तक उन्हें परेशानी नहीं होगी, वे असम नहीं छोड़ेंगे। मिया बांग्ला भाषी मुसलमानों के लिए इस्तेमाल होने वाला एक अपमानजनक शब्द है। असम सीएम के मुताबिक वे मूल निवासियों के संसाधनों, नौकरियों और जमीन पर कब्जा कर रहे हैं।
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