दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) ने दिल्ली परिवहन निगम (DTC) के हजारों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत देते हुए 1,200 करोड़ रुपये के अनुदान को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के तहत न सिर्फ कर्मचारियों के वेतन और पेंशन से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जाएगा, बल्कि आधुनिक तकनीक के जरिए दिल्ली के यातायात को और सुगम बनाने पर भी जोर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, इस अनुदान का बड़ा हिस्सा डीटीसी कर्मचारियों के वेतन भुगतान और उनकी वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समर्पित किया गया है। इसके साथ ही पेंशनभोगियों को समय पर पेंशन मिलने की व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “यह सिर्फ एक सरकारी अनुदान नहीं है, बल्कि उन कर्मचारियों के प्रति हमारा सम्मान और आभार है, जो हर मौसम और हर परिस्थिति में दिल्ली को थमने नहीं देते। हमने यह भी सुनिश्चित किया है कि हमारे बुजुर्ग पेंशनभोगियों को कभी अपनी मेहनत की कमाई के लिए इंतजार न करना पड़े।” सरकार का कहना है कि इस वित्तीय सहायता से डीटीसी की कार्यप्रणाली को स्थिरता मिलेगी और कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा। साथ ही, तकनीकी उन्नयन के जरिए यात्री सुविधाओं और ट्रैफिक मैनेजमेंट में भी सुधार देखने को मिलेगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि वित्त विभाग द्वारा जारी किए गए 1,200 करोड़ रुपये के अनुदान में से 1,100 करोड़ रुपये सीधे तौर पर डीटीसी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, पेंशन और अन्य लंबित देयताओं के लिए आवंटित किए गए हैं। इस फैसले से दिल्ली परिवहन निगम से जुड़े हजारों परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि डीटीसी और उसके कर्मचारी दिल्ली की लाइफलाइन हैं, जो हर दिन लाखों यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह राशि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दी गई है, ताकि उन्हें अपने मेहनत की कमाई के लिए इंतजार न करना पड़े।
100 करोड़ का प्रावधान
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि कर्मचारी कल्याण के साथ-साथ परिवहन व्यवस्था के आधुनिकीकरण के लिए 100 करोड़ रुपये का अलग से प्रावधान किया गया है। इस राशि से राजधानी में यातायात को अधिक सुगम, सुरक्षित और तकनीक-संचालित बनाने के लिए दो अहम रणनीतिक परियोजनाओं पर काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, पहली परियोजना एडवांस्ड ट्रैफिक सिस्टम (ATS) से जुड़ी है, जिसके तहत आधुनिक तकनीक की मदद से ट्रैफिक मैनेजमेंट को बेहतर किया जाएगा। इससे सड़कों पर जाम की समस्या कम होगी और यातायात व्यवस्था अधिक सुचारू हो सकेगी।
दूसरी परियोजना राज्यों को पूंजीगत व्यय के लिए विशेष सहायता योजना (SASCI) के अंतर्गत कमर्शियल ई-व्हीकल चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास से संबंधित है। इसका उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना और राजधानी में प्रदूषण कम करने की दिशा में ठोस कदम उठाना है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दोहराया कि यह पहल दिल्ली को प्रदूषण मुक्त और तकनीक-संचालित भविष्य की ओर ले जाने का बड़ा संकल्प है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य राजधानी की सड़कों पर सुरक्षित, स्वच्छ, प्रदूषण मुक्त और विश्वस्तरीय परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली परिवहन निगम (DTC) के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि डीटीसी सिर्फ बसों का बेड़ा नहीं, बल्कि यह दिल्ली के लाखों नागरिकों के जीवन को गति देने वाली धमनियां हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरी व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में हजारों चालक, परिचालक और अन्य कर्मचारी दिन-रात मेहनत करते हैं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की आर्थिक सुरक्षा है। उन्होंने कहा, “हमने यह सुनिश्चित किया है कि हमारे बुजुर्ग पेंशनभोगियों और वर्तमान कर्मचारियों को कभी भी अपनी मेहनत की कमाई के लिए इंतजार न करना पड़े।” रेखा गुप्ता ने कहा कि डीटीसी कर्मचारियों की मेहनत और समर्पण के बिना राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की कल्पना नहीं की जा सकती। इसी सोच के तहत सरकार ने वेतन, पेंशन और अन्य देयताओं के समय पर भुगतान के लिए ठोस वित्तीय प्रबंध किए हैं।
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