रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर प्रवास के दौरान जिले में स्वास्थ्य, अधोसंरचना, जनकल्याण और सामाजिक विकास के कार्यों को ऐतिहासिक गति प्रदान की। उन्होंने जिले में 122 करोड़ से अधिक के विकास कार्यो का लोकार्पण एवं भूमिपुजन किया और उज्ज्वला योजना के तहत 2 हजार से अधिक महिलाओं को घरेलू गैस कनेक्शन प्रदान किए।


मुख्यमंत्री साय ने विकासखंड बगीचा में लगभग 2.43 करोड़ रुपये की लागत से नवनिर्मित 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का लोकार्पण करते हुए इसे वनांचल और विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा सहित लगभग दो लाख की आबादी के लिए जीवनरेखा बताया। इस आधुनिक स्वास्थ्य केंद्र में जनरल सर्जरी, ईएनटी, शिशु रोग, अस्थि रोग, स्त्री रोग सहित विशेषज्ञ सेवाएं और आधुनिक लैब जांच की सुविधा उपलब्ध होगी तथा इसके सुचारु संचालन के लिए 100 मेडिकल और पैरामेडिकल स्टाफ की स्वीकृति दी जा चुकी है, जिससे गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अब लोगों को दूर शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

मुख्यमंत्री साय ने इसी परिसर में मेगा हेल्थ कैंप का शुभारंभ भी किया, जिसमें न्यूरो, नेफ्रोलॉजी, हड्डी रोग, स्त्रीरोग, ईएनटी, प्लास्टिक सर्जरी सहित सुपर-स्पेशलिस्ट डॉक्टरों ने हजारों लोगों की जांच, लैब टेस्ट और निःशुल्क दवा वितरण किया तथा गंभीर रोगियों को उच्चस्तरीय अस्पतालों में रेफर करने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। उन्होंने कहा कि सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है कि दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों तक भी गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा सुलभ हो और इसी लक्ष्य से जशपुर में मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, फिजियोथेरेपी कॉलेज और प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र की स्थापना की जा रही है।

बगीचा में उज्जवला महोत्सव में मुख्यमंत्री साय ने 2 हजार से अधिक महिलाओं को घरेलू गैस कनेक्शन प्रदान करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उज्जवला योजना से महिलाओं को धुएं से मुक्ति, स्वास्थ्य सुरक्षा और आत्मसम्मान मिला है। उन्होंने मुद्रा योजना के अंतर्गत युवाओं को रोजगार प्रारंभ करने के लिए ऋण का चेक वितरण भी किया तथा बगीचा में आत्मानंद स्कूल में अतिरिक्त कक्ष निर्माण, बगीचा-बिंदे मार्ग पर पुल, कन्हर नदी पर पुल और बगीचा रेस्ट हाउस के उन्नयन की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी की गारंटी पर जनता ने विश्वास जताया है और सरकार बनते ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख घर स्वीकृत किए गए, जिनमें से 8 लाख से अधिक पूर्ण हो चुके हैं, धान की 21 क्विंटल प्रति एकड़ खरीदी, 3100 रूपए प्रति क्विंटल भुगतान, बोनस भुगतान, तेंदूपत्ता दर वृद्धि और महतारी वंदन योजना से 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक-एक हजार रुपये की सहायता जैसे फैसलों से आमजन के जीवन में ठोस बदलाव आया है।
बगीचा में उज्जवला महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री ने 110.47 करोड़ रुपये की लागत से 46 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया, जिनमें 3.34 करोड़ रुपये के 9 कार्यों का लोकार्पण और 107.13 करोड़ रुपये के 37 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। इनमें पोड़ीखुर्द-सुलेशा दनगरी घाट सड़क, पंडरापाठ सन्ना आर्चरी अकादमी परिसर, घेरडेवा नदी पर उच्चस्तरीय पुल, बगीचा-बतौली मार्ग पर पुल, केरापाठ-गायबुढ़ा सड़क और कई ग्रामीण संपर्क मार्ग शामिल हैं, जो क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को नई गति देंगे।
फरसाबहार विकासखंड के ग्राम पमशाला में आयोजित अखिल भारतीय कंवर समाज के वार्षिक सम्मेलन के अवसर पर मुख्यमंत्री ने 12.22 करोड़ रुपये की लागत से 12 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया, जिनमें उच्चस्तरीय पुल, ग्रामीण सड़कें, सामाजिक भवन, स्कूल सौंदर्यीकरण, मंदिर पहुंच मार्ग, छात्रावास और एसडीएम कार्यालय भवन शामिल हैं। उन्होंने पमशाला सामाजिक भवन के विस्तार के लिए ईब नदी पर एनीकट के लिए 39 लाख रुपये, ढुरूडाड़ में कंवर समाज भवन के लिए 25 लाख रुपये और पोंगराबहार में सामाजिक भवन के लिए 20 लाख रुपये की अतिरिक्त घोषणाएँ भी कीं। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने पमशाला स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
मुख्यमंत्री ने बगीचा में 1 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन मंगल भवन का भी निरीक्षण किया, जिसमें 9,550 वर्गफुट में विशाल हॉल, स्टेज, कक्ष, पार्किंग और आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, जिससे स्थानीय नागरिकों को विवाह, सामाजिक और सार्वजनिक आयोजनों के लिए सुसज्जित सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि अंतिम व्यक्ति तक सुविधा पहुंचे और बस्तर-सरगुजा जैसे दूरस्थ अंचल भी विकास की मुख्यधारा में मजबूती से आगे बढ़ें।
इन कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय, विधायक रायमुनी भगत तथा गोमती साय, पूर्व विधायक भरत साय, माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष शंभूनाथ चक्रवती, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें


