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लखनऊ. यूपी विधानसभा के बजट सत्र के पांचवे दिन सीएम योगी आदित्यनाथ हमलावर तेवर में दिखे. अपने भाषण के दौरान सीएम ने विरोधियों पर जमकर निशना साधा. उन्होंने विपक्ष पर तीखे हमले किए.

सीएम ने कहा कि पिछली सरकार के समय चीनी मिलें औने पौने दाम पर बेंच दी जाती थीं. चौधरी चरण सिंह जी की भूमि रमाला की चीनी मिल के बारे में किसी ने नहीं सोचा. हमारी सरकार ने एक नई चीनी मिल लगाई. मुंडेरवा में गोली चली थी, हमने मिल चलाई. पिपराइच की मिल चली. उन्होंने कहा कि हमने भारत सरकार से अनुरोध किया कि हमारी चीनी मिलों को इथेनॉल से जोड़ा जाए. आज उत्तर प्रदेश सबसे बड़ा एथेनॉल उत्पादक राज्य बन गया है. जो पैसा बाहर जाता था आज किसानों के घरों में जा रहा है. इसने किसानों की आय बढाई है.

सिंचाई परियोजनाएं दशकों तक लंबित रही – सीएम

मख्यमंत्री ने कहा कि ये प्रकृति और परमात्मा का प्रदेश है. सबसे फर्टाइल लैंड हमारे यहां है. पिछली सरकारों में होड़ लगी रहती थी कि कितने ब्लॉकों को डार्क जोन घोषित कर लें. हमने डार्क जोन से बाह, सिंचाई परियोजनाएं दशकों तक लंबित रहती थीं. हमने बाण सागर सहायक और सरयू नहर सहित 20 सिंचाई परियोजना को पूरा किया. वर्तमान में 21 लाख हेक्टेयर अतितिक्त सिंचन क्षमता बढ़ी है. 45 लाख किसान लाभान्वित हुआ है. पर ड्राप मोर क्रॉप के अच्छे नतीजे बुंदेलखंड में मिले हैं.

पहले सिर्फ चिंतन होता था अब समाधान होता है- सीएम

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में श्रमिकों को पिछली सरकार एक समस्या मानती थी. यही अंतर है यह लोग समस्या पर चिंतन करते हैं, हम समाधान करते हैं. समाधान का एक ही समाधान होता है. “भाग लो-भाग लो” यानी एक भाग लो का मतलब चैलेंज को स्वीकार करो और दूसरे “भाग लो” का अर्थ है पलायन कर लो. इसमें से आपने (विपक्ष) पलायन का विकल्प चुना तो जनता ने भी आपका पलायन करा दिया. हमने चैलेंज चुना तो हमें जनता ने भी चुना.

कोविड ने बता दिया संकट का साथी कौन?

आज प्रदेश में प्रवासी श्रमिक हो या निवासी, सबको 2 लाख तक की सामाजिक सुरक्षा की गारंटी है. 5 लाख का स्वास्थ्य बीमा कवर फ्री में मिला है. सरकार पैसा देगी. बटाईदार को 5 लाख का दुर्घटना बीमा मिला है. हर श्रमिक को कोविड के दौरान भरण पोषण भत्ता मिला. इस महामारी ने बता दिया कि संकट का साथी कौन है? सरकार उनके द्वार थी. सबको मुफ्त राशन मिला और नेशनल पोर्टबिलिटी सेवा से यहां का कोई श्रमिक दूसरे प्रदेश में जो या दूसरे प्रदेश का श्रमिक यहां हो, आसानी से राशन ले सकता है. श्रमिकों के बच्चों के लिए मण्डल मुख्यालयों पर अटल आवासीय विद्यालय स्थापित किये जा रहे हैं.

हमारी संस्कृति मातृ संस्कृति का परिचायक

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति में जो कुछ शुभ है, सुंदर है. मातृ शक्ति का परिचायक है. हम आये तो सबसे पहले एंटी रोमियो स्क्वाड का गठन किया. शोहदों पर शिकंजा कसा. बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ सहित केंद्र की योजनाएं लागू की और जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना शुरू की. जिसके तहत वर्तमान में करीब 12 लाख बेटियां इसका लाभ पा रही हैं. आंगनबाड़ी, एएनएम, आशा बहनों, रसोइया का मानदेय बढ़ा. अब आंदोलन नहीं बल्कि कोरोना के बीच इन लोगों में अपने जान को जोखिम में डालकर प्रदेश की सेवा की, इन सभी का अभिनन्दन है.

नेता प्रतिपक्ष पर साधा निशाना

सीएम ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को डबल इंजन से परहेज हो सकता है. लेकिन इसका व्यापक लाभ प्रदेश को मिला है. अगर आपके मन में कुछ करने की इच्छा हो तो रास्ता बन जाता है, वरना बहाने भी बन जाते हैं. आपने रास्ता नहीं बनाया बहाने बनाये. सीएम ने निशाना साधते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष कहते हैं कि हम लोगों को शौचालय बनाने में महारथ है. हां है. हमने बनाये हैं. यह महज शौचालय नहीं हैं, बल्कि नारी गरिमा और सुरक्षा के प्रतीक हैं. हमने 2.61 करोड़ शौचालय बनाए हैं. सपा सरकार को ढाई साल मिला था, कुछ नहीं किया. हमें डेढ़ वर्ष मिला, हमने तय लक्ष्य को समय से पूरा किया.

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