रोहित कश्यप, मुंगेली। धान उपार्जन केंद्र नवागांव (ची.) में स्टेट स्तर से प्राप्त अलर्ट के आधार पर की गई जांच में गंभीर अनियमितता सामने आई है। अलर्ट के माध्यम से यह सूचना मिली थी कि जारी डीओ के अनुसार खरीदी केंद्र प्रभारी द्वारा मिलर को कम धान भेजा गया है तथा उपार्जन केंद्र में अतिरिक्त धान रखा गया है, जिसे अन्य किसानों के नाम पर खपाने का प्रयास किया जा सकता है।

कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देश पर राजस्व, सहकारिता एवं खाद्य विभाग के जिला एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारियों की संयुक्त टीम द्वारा उपार्जन केंद्र का भौतिक सत्यापन किया गया। सत्यापन के दौरान उपार्जन केंद्र नवागांव में 234 बोरी अतिरिक्त धान पाया गया, जो ऑनलाइन दर्शित मात्रा से अधिक था। उक्त मामले में सहायक आयुक्त सहकारिता द्वारा खरीदी प्रभारी एवं कंप्यूटर ऑपरेटर को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर 02 दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। किंतु दोनों द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण समाधानकारक नहीं पाए गए। जिस पर खरीदी प्रभारी एवं कंप्यूटर ऑपरेटर को तत्काल प्रभाव से हटाते हुए निलंबित कर दिया गया है।

साथ ही उनके विरुद्ध सेवा से पृथक करने के लिए आवश्यक कार्रवाई के संबंध में भी निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इस प्रकरण के बाद कलेक्टर ने जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों के खरीदी प्रभारियों एवं मिलर्स की बैठक लेकर स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि किसी भी उपार्जन केंद्र में यदि अनियमितता, शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने का प्रयास या नियमों की अवहेलना पाई जाती है, तो संबंधितों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या गड़बड़ी किसी भी दशा में स्वीकार्य नहीं होगी।

अव्यवस्था पर अफसरो को नोटिस व वेतन रोकने के दिए निर्देश

जिले में धान खरीदी व्यवस्था की पारदर्शिता और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर कुन्दन कुमार ने पथरिया विकासखण्ड के धान खरीदी केंद्र सरगांव, सांवतपुर एवं धूमा का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने समिति प्रबंधकों एवं संबंधित अधिकारियों से धान खरीदी की प्रगति, व्यवस्थाओं व किसानों को दी जा रही सुविधाओं, अब तक कितने किसानों से धान खरीदी हुई है, खरीदी की मात्रा, रकबा समर्पण एवं टोकन व्यवस्था आदि की जानकारी ली। साथ ही संबंधित अधिकारियों को समिति की सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि धान खरीदी निर्बाध रूप से जारी रहे। धान खरीदी केंद्र सरगांव में निरीक्षण के दौरान धान का समुचित स्टेकिंग नहीं पाए जाने पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई। खराब व्यवस्था के लिए समिति प्रबंधक धनुष राम साहू को फटकार लगाते हुए नोटिस जारी करने तथा केंद्र का भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने अव्यवस्था को गंभीर लापरवाही मानते हुए सहकारिता निरीक्षक एवं फूड इंस्पेक्टर को नोटिस जारी करने एवं वेतन रोकने के निर्देश दिए। इसके अलावा एसएडीओ कोसले की भी लापरवाही पर वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि धान खरीदी में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने केंद्र की सभी व्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने तौल एवं वजन व्यवस्था का भी अवलोकन किया और मौके पर उपस्थित किसानों से चर्चा कर धान विक्रय, टोकन एवं भुगतान से संबंधित जानकारी ली। खरीदी केंद्र सांवतपुर में जानकारी दी गई कि 650 पंजीकृत किसानों में से 400 से अधिक किसानों द्वारा धान विक्रय किया जा चुका है तथा 43 हेक्टेयर से अधिक रकबे का समर्पण हुआ है।

कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि धान की रीसाइक्लिंग किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए और केवल किसानों की वास्तविक उपज का ही धान खरीदा जाए। उन्होंने समिति प्रबंधक से स्टेकिंग एवं धान विक्रय की स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने खरीदी केन्द्र धूमा में अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी किसानों का भौतिक सत्यापन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए, जिससे किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो। कलेक्टर ने अंत में राजस्व अधिकारियों को मिलों की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए, ताकि धान की रीसाइक्लिंग पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। उन्होंने दो टूक कहा कि किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।