Iran Threatens US Army: अमेरिका-ईरान को लेकर जो बवाल चल रहा है, उस बीच दोनों तरफ से धमकियों का दौर जारी है. ईरान की सेना ने रविवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कड़ी चेतावनी दी है. ईरान ने कहा है कि अगर अमेरिका ने पर्शियन गल्फ के कुछ द्वीपों पर जमीनी हमला या कब्जा करने की कोशिश की, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे. ईरान की ओर से ये बयान ऐसे वक्त में आया है, जब माना जा रहा है अमेरिका ग्राउंड बूटिंग की पूरी तैयारी कर चुका है.
आपको बता दें कि ये बयान ईरान के सैन्य मुख्यालय खतम एल अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर्स की ओर से आया है. सेना के के प्रवक्ता और ब्रिगेडियर जनरल इब्राहीम जुल्फिकारी ने एक वीडियो संदेश में दिया. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अगर अमेरिका ने कोई जमीनी कार्रवाई की, तो उसके साथ बुरा होगा. अमेरिकी सैनिक फारस की गाड़ी की शार्क का भोजन बन जाएंगे. ईरान के आक्रामक जवाब बताते है कि वो इस युद्ध में पीछे हटने के लिए बिल्कुल तैयार नहीं है.
डोनाल्ड ट्रंप की कमजोर नस भी दबा दी ईरान ने
जुल्फिकारी ने अपने बयान में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर भी गंभीर आरोप भी लगाए. उन्होंने कहा कि ट्रंप पर इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद का दबाव है और वह बेंजामिन नेतन्याहू के प्रभाव में काम कर रहे हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि ट्रंप का नाम एपस्टीन केस से जुड़ा होने के कारण उन पर दबाव बनाया जा रहा है. ईरानी अधिकारी ने कहा कि अमेरिका अगर ईरान के खिलाफ युद्ध या आक्रामक कदम उठाता है, तो उसकी सेना इसके लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ईरानी सेना अमेरिकी बलों को नष्ट करने के लिए पल-पल गिन रही है.
अमेरिकी रक्षा विभाग ने कर ली है तैयारी
यह बयान ऐसे समय आया है जब खबरें हैं कि अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन पिछले कुछ हफ्तों से जमीनी सैन्य अभियान की तैयारी कर रहा है. इन योजनाओं में खर्ग आइलैंड और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास के इलाकों में कार्रवाई शामिल हो सकती है. हालांकि अभी तक राष्ट्रपति ट्रंप ने किसी भी सैन्य तैनाती या जमीनी ऑपरेशन को मंजूरी नहीं दी है. स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है और दोनों देशों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है. कुल मिलाकर ईरान ने साफ संकेत दिया है कि वह किसी भी अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का कड़ा जवाब देगा. इस चेतावनी के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका है और दुनिया की नजरें अब अमेरिका के अगले कदम पर टिकी हैं.

