पटना। दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर हुई महत्वपूर्ण बैठक ने बिहार में हालिया चुनावी हार पर चर्चा हुई। बैठक में मौजूद राहुल गांधी ने विधायकों से स्पष्ट कहा कि आगामी बिहार विधानसभा सत्र में वोट चोरी के मुद्दे को मजबूती से उठाना होगा।

खुलकर अपनी बात रखी

सूत्रों के अनुसार बिहार के नेताओं ने समीक्षा बैठक में खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि टिकट बंटवारे में देरी, संगठन में आंतरिक खींचतान और कई स्तरों पर समन्वय की कमी ने चुनावी नुकसान बढ़ाया। नेताओं ने यह भी स्वीकारा कि SIR के दुरुपयोग के अलावा, राजद की फ्रेंडली फाइट की जिद और गठबंधन में उदासीनता ने हार की बड़ी भूमिका निभाई।

हारने वाले ही भविष्य की पूंजी

सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस पार्टी ने निर्णय लिया है कि चुनाव हारने वाले उम्मीदवारों को संगठन में अहम जिम्मेदारियां दी जाएंगी। इसमें सभी धर्मों और जातियों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा। पार्टी का मानना है कि यह समूह आने वाले वर्षों में उसकी ताकत बन सकता है।

दिसंबर को बड़ी राज्य स्तरीय बैठक

बिहार कांग्रेस 1 दिसंबर को सदाकत आश्रम में प्रदेश स्तरीय बैठक बुला रही है। जिलाध्यक्षों, कार्यकारी अध्यक्षों, फ्रंटल और मोर्चा प्रमुखों को उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। यह चुनाव बाद की पहली बड़ी बैठक होगी, जिसकी अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम करेंगे। दिल्ली में 14 दिसंबर को होने वाली वोट चोरी विरोध रैली की तैयारियों पर भी यहां मंथन किया जाएगा।

रोडमैप तय होगा

कांग्रेस नेता शकील अहमद खान ने कहा कि शीर्ष नेतृत्व ने भविष्य की रणनीति के लिए बैठक बुलाई है। हार की बारीकियों पर चर्चा होगी और एक नया रोडमैप तैयार होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल बिहार में किसी नेतृत्व परिवर्तन की संभावना नहीं है।