नई शिक्षा नीति 21वीं सदी के युवाओं के साथ छलावा.प्रतिवर्ष दो करोड़ लोगों को रोजगार के जुमले से बचने का उपाय मात्र- कांग्रेस

 रायपुर/  भाजपा सरकार के केंद्रीय शिक्षा नीति में 34 साल बाद बदलाव पर तीखा हमला करते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी वरिष्ठ प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी ने मोदी सरकार पर अनेक सवाल खड़े करते हुए कहा कि यह बदलाव देश के युवाओं के साथ छलावा है. देश की भावी पीढ़ी 21वी सदी के भारत को गुमराह करने वाला निर्णय है.
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी ने कहा कि मानव संसाधन मंत्रालय ( एचआरडी ) का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय कर दिया गया है. मोदी सरकार योजनाओं के नाम बदल कर देश की जनता को दिग्भ्रमित करना चाहती है. 10 + 2 मैट्रिक की पात्रता होती थी जिसे खत्म कर दिया गया है जो किसी भी सरकारी नौकरी के लिए प्रथम प्राथमिकता होती थी. नए आदेश में इन तथ्यों का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं है, मतलब स्पष्ट है कि देश मे अब शिक्षित, ना कहलाये बेरोजगार . यह है मोदी सरकार की नयी शिक्षा नीति का  एजेंडा. जिस प्रकार बेरोजगारी के आंकड़े प्रस्तुत करने वाले विभागों पर पाबंदी लगा दी गई है उसका यह पार्ट 2 है.
तिवारी ने कहा कि  एक ओर मोदी सरकार राष्ट्र पुनर्निर्माण और विश्व गुरु की बात करती है, वही दूसरी ओर अंग्रेजी जैसे विषय की बाध्यता को समाप्त कर दिया गया है जबकि अंग्रेजी वैश्विक उच्चारण की भाषा है. भाजपा सरकार देश के भविष्य से जुड़े हुए निर्णयों पर संवैधानिक प्रक्रियाओं का पालन नहीं कर रही है, शिक्षा नीति के बदलाव पर भारत के ढाई लाख पंचायतों सात हज़ार ब्लॉक केंद्रों, सर्वदलीय सुझाव क्यों नहीं मांगा गया.
 कांग्रेस प्रवक्ता तिवारी ने कहा कि शिक्षा पद्धति, कौशल विकास, रोजगार मुल्क शिक्षा, वैज्ञानिकता को दरकिनार करते हुए यह निर्णय मोदी सरकार ने देश पर थोपा है, जिससे उत्पन्न होने वाली समस्याओं और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ को लेकर आने वाली पीढ़ी भाजपा और मोदी सरकार को कभी माफ नहीं करेगी.

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