हेमंत शर्मा, इंदौर। स्वच्छता की राजधानी कहलाने वाला इंदौर अब पानी, गंदगी और अपराध के दलदल में फंसता जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर मंगलवार को कांग्रेस ने इंदौर में तीखा हमला बोला और भाजपा शासित नगर निगम को हर मोर्चे पर विफल करार दिया। कांग्रेस नेताओं ने साफ कहा कि इंदौर की चमक सिर्फ पोस्टर और प्रचार तक सीमित रह गई है, जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है।

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प्रेस वार्ता में कांग्रेस के मध्यप्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, राष्ट्रीय महासचिव व प्रदेश प्रभारी उषा नायडू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, जिलाध्यक्ष चिंटू चौकसे और पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा मौजूद रहे। सभी नेताओं के निशाने पर नगर निगम, महापौर और राज्य सरकार रही।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि इंदौर नगर निगम गीले और सूखे कचरे के नाम पर सालों से जनता को परेशान कर रहा है। उन्होंने कहा कि एक समय स्वच्छता में नंबर-1 रहने वाला इंदौर आज जहरीले पानी और हादसों की वजह से देशभर में बदनाम हो रहा है। पटवारी ने बावड़ी कांड, चूहा कांड और भागीरथपुरा हादसे का जिक्र करते हुए कहा कि ये सिर्फ दुर्घटनाएं नहीं, बल्कि संगठित लापरवाही और अपराध हैं।

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पटवारी ने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि तब इंदौर में काम करने की इच्छाशक्ति दिखाई देती थी, लेकिन मौजूदा दौर में शहर को हादसों और अपराधों के हवाले कर दिया गया है। उन्होंने महापौर पुष्यमित्र भार्गव को इंदौर के इतिहास का “सबसे असफल महापौर” बताते हुए कहा कि उन्होंने शहर की छवि देश-दुनिया में धूमिल की है और पूरी एमआईसी को गड्ढे में डाल दिया है।

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर हमला बोलते हुए जीतू पटवारी ने उन्हें अहंकारी बताते हुए कहा कि नैतिकता के आधार पर उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। वहीं मुख्यमंत्री मोहन यादव पर भी गंभीर आरोप लगाए गए। पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री इंदौर को लेकर गंभीर नहीं हैं, वे सिर्फ औपचारिक दौरे करने आते हैं। इंदौर कलेक्टर के संघ कार्यालय जाने के मामले पर भी आपत्ति जताते हुए उन्होंने कहा कि इसकी शिकायत की जाएगी और संबंधित अधिकारी को हटाया जाना चाहिए।

जीतू पटवारी ने आंकड़े रखते हुए कहा कि वर्ष 2017-18 में नगर निगम का बजट करीब 56 हजार करोड़ रुपये था, जिसमें से 3700 करोड़ रुपये ड्रेनेज के लिए मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 25 वर्षों में भाजपा सरकार ने इंदौर नगर निगम में करीब 1 लाख करोड़ रुपये खर्च किए, लेकिन आज तक उसका सही हिसाब जनता के सामने नहीं आया।

भागीरथपुरा हादसे को लेकर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी सवाल उठाए। नेताओं ने कहा कि छोटी-छोटी बातों पर ट्वीट करने वाले प्रधानमंत्री ने इस गंभीर हादसे पर अब तक कोई संज्ञान नहीं लिया। कांग्रेस ने मांग की कि पूरे मामले की जांच रिटायर्ड जज से कराई जाए, महापौर और जिम्मेदार अधिकारियों पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज हो और पानी का रियल टाइम ऑडिट कराया जाए।

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प्रेस वार्ता के अंत में कांग्रेस नेताओं ने मांग रखी कि नगर निगम में पानी से जुड़ी घटनाओं और मौतों की निगरानी के लिए अलग विभाग बनाया जाए और इंदौर की जनता को स्वच्छ, सुरक्षित और भरोसेमंद पेयजल की गारंटी दी जाए।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस इंदौर के हर वार्ड में जाकर पानी, स्वच्छता और अपराध से जुड़े मुद्दों को जनता के बीच ले जाएगी। उन्होंने कहा कि अब सवाल सिर्फ राजनीति का नहीं, बल्कि इंदौर के लोगों की जान और भविष्य का है—और इस लड़ाई से कांग्रेस पीछे नहीं हटेगी।

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