साध्वी उमा भारती बोलीं, राम का नाम भाजपा की बपौती नहीं है, कांग्रेस ने कहा- धर्म के नाम पर राजनीति करने वालों को दिखाया आईना

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आरपी सिंह ने उमा भारती के बयान का स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि उमा भारती ने साध्वी होने का अपना धर्म पूरा करते हुए भाजपा को जो आईना दिखाने का कार्य किया है इसके लिए वह बधाई के पात्र हैं. आरपी सिंह ने भाजपा पर अयोध्या राम मंदिर भूमि पूजन समारोह के राजनीतिकरण का आरोप लगाते हुए कहा है कि पूरी भाजपा राम मंदिर भूमि पूजन एवं कार्यारंभ को इस तरह से प्रदर्शित कर रही है जैसे प्रभु राम भाजपा के पेटेंट हों और उनकी बपौती हों. राम मंदिर भूमि पूजन किसी साधु संत से ना करवा कर प्रधानमंत्री मोदी से करवाना और संघ प्रमुख कि वहां मौजूदगी भी कांग्रेस के इन आरोपों पर पुष्टि की मुहर लगाती है.

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कांग्रेस ने सवाल खड़ा करते हुए यह जानना चाहा है कि क्या अगर उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार नहीं होती तो भूमि पूजन में नरेंद्र मोदी और संघ प्रमुख की उपस्थिति संभव हो पाती? राम मंदिर निर्माण मे भारतीय जनता पार्टी का कभी भी कोई योगदान नहीं रहा है. भाजपा ने प्रभु राम के नाम पर चंदा एकत्र किया है और वोटों का धंधा किया है. सिर्फ चंदे और धंधे के लिए प्रभु राम का इस्तेमाल करने वाले लोग आज किस मुंह से अपने आप को राम भक्त बताने की कोशिश कर रहे हैं? क्या भारतीय जनता पार्टी कभी राम मंदिर के निर्माण को लेकर किसी अदालत में गई है या फिर अदालत में पूर्व से ही चलते हुए मामले में कभी पक्षकार बनी है? और तो और भाजपा के शीर्ष नेता हमेशा यही कहते रहे कि राम लला आस्था का विषय है और आस्था के मामले अदालतों में तय नहीं होते,तो आज फिर किस मुंह से अदालत के फैसले को स्वीकार कर रहे हैं. जबकि कांग्रेस पार्टी ने शुरू से यह कहा था की अदालत का जो भी फैसला होगा वह हमें मंजूर होगा.

अयोध्या में रामलला के मंदिर के निर्माण की जो प्रक्रिया प्रारंभ होने जा रही है इसमें सबसे अधिक योगदान अगर किसी का रहा है तो वह कांग्रेस पार्टी और स्वर्गीय प्रधानमंत्री राजीव गांधी का ही रहा है. राजीव ने ही पूजा स्थल के ताले खुलवाए, राजीव ने ही वहां पर पूजा पाठ की अनुमति प्रदान करवाई और राजीव ने ही 9 नवंबर सन 1989 को राम मंदिर का शिलान्यास भी करवाया था. बाद में राजीव की हत्या के बाद केंद्र में पी वी नरसिम्हा राव की सरकार बनी जिन्होंने संपूर्ण मंदिर क्षेत्र की जमीन का भू अधिग्रहण करके राम मंदिर बनाने का रास्ता प्रशस्त कर दिया था. राम मंदिर का निर्माण निश्चित तौर पर पूरे विश्व के लिए खुशी का क्षण है. हम सब इस क्षण का वर्षों से इंतजार कर रहे थे.

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