रायपुर। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव को लेकर कांग्रेस ने तीखा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि बीजेपी में चुनाव की कोई वास्तविक प्रक्रिया नहीं होती, वहां सीधे मनोनयन होता है। लोकतंत्र बीजेपी में नहीं बल्कि कांग्रेस में है। कांग्रेस में बकायदा चुनाव हुए और मल्लिकार्जुन खड़गे चुनाव जीतकर राष्ट्रीय अध्यक्ष बने, जबकि बीजेपी में अध्यक्ष “रिमोट कंट्रोल” से तय किए जाते हैं।

राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नितिन नबीन के नाम की चर्चा पर तंज कसते हुए बैज ने कहा कि बीजेपी में वोटिंग से अध्यक्ष नहीं बनते, वहां सब कुछ पहले से तय होता है। जो भी अध्यक्ष बनेगा, वह रिमोट कंट्रोल वाला ही होगा।

मनरेगा बचाओ संग्राम को लेकर सरकार पर साधा निशाना

मनरेगा बचाओ संग्राम को लेकर पीसीसी चीफ बैज ने कहा कि पूरे प्रदेश में कांग्रेस द्वारा अभियान चलाया जा रहा है। ब्लॉक, ग्राम पंचायत से लेकर जिला कांग्रेस तक के कार्यकर्ता लगातार गांव-गांव पहुंचकर जनसंपर्क कर रहे हैं और मनरेगा को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम को दूर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब तक 40 किलोमीटर से अधिक की पदयात्रा की जा चुकी है और आज महासमुंद में भी पदयात्रा आयोजित की जा रही है। बैज ने आरोप लगाया कि बीजेपी मनरेगा का नाम बदलकर और स्वरूप बदलकर ग्रामीण जनता के हितों को खत्म करने की कोशिश कर रही है। ग्रामीणों का भी कहना है कि इस योजना को बंद नहीं किया जाना चाहिए।

हिम्मत है तो डिबेट के लिए समय और जगह तय करें सीएम

पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपक बैज ने कहा कि अजय चंद्राकर न तो मंत्री हैं और न ही मुख्यमंत्री। अगर सरकार में हिम्मत है तो मुख्यमंत्री समय और जगह तय करें, सरकार की दो साल की नाकामियों पर खुली बहस के लिए कांग्रेस तैयार है। बैज ने कहा कि अजय चंद्राकर अपने मुख्यमंत्री से मिलकर समय तय करवा लें, कांग्रेस हर चुनौती स्वीकार करेगी।

सोनिया गांधी पर टिप्पणी को लेकर माफी मांगे अजय चंद्राकर

अजय चंद्राकर द्वारा सोनिया गांधी पर की गई टिप्पणी को लेकर दीपक बैज ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि अजय चंद्राकर बीजेपी के वरिष्ठ नेता हैं और इस तरह की भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए। उन्हें अपने बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। मनरेगा किसी एक व्यक्ति की नहीं बल्कि पूरे देश के मजदूरों की योजना है। सरकार बताए कि मजदूरों के लिए वे कौन-सी नई योजना ला रहे हैं।

2026 बजट और कैबिनेट बैठकों पर सवाल

पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि अब तक कई कैबिनेट बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन ठोस निर्णय क्या हुए यह सरकार बताए। 2026 के बजट से इस सरकार को कोई लेना-देना नहीं है, यह लोग सिर्फ 2047 की बातें करते हैं, जबकि वर्तमान की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं है।

कोर्ट के निर्देश के बावजूद भर्ती नहीं कर रही सरकार

दीपक बैज ने कहा कि वे D.Ed अभ्यर्थियों से मिलने तूता जा रहे हैं। प्रदेश में 1300 से अधिक पद खाली हैं, जिनके लिए अभ्यर्थी भूख हड़ताल पर बैठे हैं। रसोईया संघ भी लंबे समय से हड़ताल कर रहा है। न्यायालय के स्पष्ट निर्देश के बावजूद सरकार भर्ती नहीं कर रही है। सवाल उठाते हुए बैज ने कहा कि क्या चार साल पूरे होने के बाद नौकरी मिलेगी? योग्य अभ्यर्थियों को उनका अधिकार मिलना चाहिए, लेकिन सरकार जानबूझकर नौकरी नहीं देना चाहती।

‘प्रदेश को चूहे नहीं, बल्कि सरकार के 14 “चूहे” खा रहे’

धान में चूहों से नुकसान को लेकर हुए प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए बैज ने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि धान का उठाव क्यों नहीं हुआ। बेमेतरा में करीब 50 हजार क्विंटल धान पड़ा हुआ है और यही स्थिति पूरे प्रदेश में है। उठाव न होने की जिम्मेदारी कौन लेगा? यह जनता की गाढ़ी कमाई की लूट है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश को चूहे नहीं, बल्कि सरकार के 14 “चूहे” खा रहे हैं, लेकिन कांग्रेस ऐसा होने नहीं देगी और जनता के हक की लड़ाई जारी रहेगी।