कर्ण मिश्रा, ग्वालियर/ शिखिल ब्यौहार/ शब्बीर अहमद, भोपाल। विजयपुर विधायक मुकेश मल्होत्रा की विधायकी खत्म करने के ग्वालियर हाईकोर्ट के फैसले पर कांग्रेस बौखला गई है। राज्यसभा सांसद और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील विवेक तन्खा ने इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है। वहीं पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी समेत ने नेताओं ने भी इस रामनिवास रावत को विधायक बनाने के कोर्ट के फैसले पर नाराजगी जाहिर की है।
विवेक तन्खा ने फैसले को बताया त्रुटिपूर्ण
राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने कहा, ‘विजयपुर सीट से कांग्रेस के विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव रद्द और रावत को विजय घोषित करने (ग्वालियर हाई कोर्ट) के फैसले को शीघ्र सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का फैसला ले लिया गया है। कांग्रेस पार्टी और विधायक मुकेश मल्होत्रा इस फैसले को त्रुटिपूर्ण मानती हैं।’
जीतू बोले- भाजपा के अंत की शुरुआत
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने इसे भाजपा के अंत की शुरुआत बताया है। उन्होंने कहा, ‘आज भाजपा ने कांग्रेस के एक आदिवासी विधायक मुकेश मल्होत्रा को पदमुक्त करवा दिया और हारे हुए प्रत्याशी को वापस विधायक घोषित करवा लिया। यह भारतीय जनता पार्टी के अंत की शुरुआत है। भाजपा को यह कभी स्वीकार नहीं होगा कि एक आदिवासी व्यक्ति सामान्य सीट से विधायक कैसे बन गया। भाजपा सदन में आदिवासी नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार जी से उनकी औकात पूछती है और चुने हुए आदिवासी विधायकों का चुनाव साम, दाम, दंड, भेद लगाकर शून्य करवाती है। स्पष्ट है कि भारतीय जनता पार्टी दलित और आदिवासी विरोधी है। हमें माननीय सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा है। हम सुप्रीम कोर्ट में अपील कर कानूनी तरीके से फिर से कांग्रेस का विधायक बनवाएंगे।’
पीसी शर्मा बोले- मामला षड्यंत्र से भी भरा हुआ है
मामले पर पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा, ‘बड़ी विडंबना है यह मामला, एक आदिवासी कांग्रेसी कार्यकर्ता पर क्रिमिनल रिकॉर्ड छुपाने का आरोप लगाकर उनकी विधायकी खत्म कर दी गई। न जाने कितने ऐसे मामले हैं जो कोर्ट में जांच में हैं। इन मामलों पर निर्णय नहीं आ पा रहे हैं। इस मामले में कांग्रेस से बीजेपी में आने का मसला रहा। बिहार में नितीश कुमार को ही देख लीजिए, उनके खिलाफ षड्यंत्र हो गया। देश की राजनीति में क्या-क्या हो रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी संविधान से नहीं षडयंत्रों से चल रही है। जितने भी मामले बीजेपी के ऐसे हैं खिलाफत में हैं लेकिन परिणाम सामने नहीं है। बीना विधायक निर्मला सप्रे के मामले में क्या हो रहा है,कुछ नहीं क्योंकि वो कांग्रेस से बीजेपी में गई। विधानसभा अध्यक्ष मामले पर संज्ञान नहीं ले पा रहे। पूरे देश की चिंतकों को सोचना होगा कैसे लोकतंत्र अब चल पाएगा। बीजेपी के भी कई मामले निकल जाएंगे, कई मामले चल रहे हैं लेकिन डिसीजन नहीं आ रहे हैं, जांच नहीं आ रही है। मैं कोर्ट के खिलाफ बात नहीं कर रहा लेकिन मामला एक षड्यंत्र से भी भरा हुआ है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है और विडंबना है।
न्यायालय के निर्णय सभी को स्वीकार होना चाहिए: उमाशंकर गुप्ता
पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने कोर्ट के निर्णय को सभी को स्वीकार करने की बात कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को न्यायालय पर भरोसा करना चाहिए। निर्णय पसंद नहीं है तो अपील कीजिए। यह कोई प्रशासनिक निर्णय नहीं है, कोई राजनीतिक पार्टी का निर्णय नहीं, सरकार का निर्णय नहीं, कोर्ट का निर्णय है। जिसकी जो कमियां पाई जाती है, उसी के आधार पर न्यायालय अपना फैसला सुना देता है। बातें छुपाने की आदत कांग्रेसियों की है।
कोर्ट का निर्देश
इधर कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि चुनाव आयोग रिटर्निंग ऑफिसर के जरिए रामनिवास रावत के विजयपुर विधानसभा 2024 बाय इलेक्शन में निर्वाचित होने की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी करें।
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