पंचायत चुनाव को लेकर कांग्रेस ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, नए सिरे से आरक्षण करने की मांग

राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। पंचायत चुनाव (Panchayat Election) को लेकर कांग्रेस ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा है। कांग्रेस ने पत्र के माध्यम से ग्राम पंचायतों के चुनाव में पंचायत एक्ट की धारा और नियम के अनुसार रोटेशन पद्धति का पालन करते हुए आरक्षण करने की मांग की। 

इसे भी पढ़ेः  MP में बर्ड फ्लू की दस्तकः आगर मालवा में 8 दिन चिकन शॉप बंद, प्रदेश के सभी कलेक्टरों को सरकार ने किया अलर्ट, हर जिले में गठित की जाएगी टीम

कांग्रेस मीडिया उपाध्यक्ष सैयद जाफर (Congress Media Vice President Syed Jaffer) ने सीएम शिवराज (CM Shivraj) को पत्र लिखकर पंचायतों का नए सिरे से आरक्षण करने की मांग की है।

इसे भी पढ़ेः ‘कोरोना’ पर MP में सियासी बयानबाजी तेजः कमलनाथ ने शिवराज सरकार पर साधा निशाना, कहा- प्रतिबंध हटाने के बजाय धीरे-धीरे देनी थी राहत

सैयद जाफर ने लिखा कि- पुराने आरक्षण से चुनाव कराना न्यायसंगत नहीं है। पंचायती राज अधिनियम की धारा एवं नियमों का पालन किया जाए। आरक्षण को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति है। ऐसे में नए आरक्षण किए जाएंगे यह स्थिति तत्काल स्पष्ट करने का कष्ट करें।

आदरणीय शिवराज सिंह चौहान जी मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश
भोपाल

विषय :ग्राम पंचायतों के चुनाव में पंचायत एक्ट की धारा और नियम के अनुसार रोटेशन पद्धति का पालन करते हुए आरक्षण करने बाबत

महोदय जी मध्य प्रदेश में पंचायती राज अधिनियम 1993 के अंतर्गत ग्राम पंचायतों के सरपंच पद के लिए रोटेशन पद्धति का पालन करते हुए आरक्षण करने की व्यवस्था की गई है।

जिसके अंतर्गत अधिनियम लागू होने से अभी तक लगभग 5 बार पंचायती राज के चुनाव हो चुके हैं जिसमें हर बार रोस्टर का पालन करते हुए रोटेशन पद्धति से आरक्षण किए गए हैं।

क्योंकि मध्य प्रदेश सरकार के आदेश अनुसार 2019 में ग्राम पंचायतों जनपद पंचायतों एवं जिला पंचायत सदस्यों के लिए नई परिसीमन प्रक्रिया अपनाई गई थी और साथ ही 2014-15 के आरक्षण को आधार मानते हुए नए परिसीमन के हिसाब से आरक्षण किया गया था

जोकि परिसीमन 2019 को निरस्त कर दिया गया जिस कारण आरक्षण 2019 स्वता समाप्त मान लिया गया है ।

चुकी वर्ष 2021- 22 में मध्य प्रदेश के लगभग 23000 ग्राम पंचायतों नए चुनाव होना है

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा परिसीमन 2019 को समाप्त कर दिया गया है जिस वजह से 2014 में हुए परिसीमन को अब मध्यप्रदेश में यथावत रखा गया है जहां तक पुराने परिसीमन पर ही ग्राम पंचायतों के गठन एवं चुनाव कराना मध्य प्रदेश सरकार का अधिकार क्षेत्र है लेकिन 2014 के आरक्षण को यथावत रखते हुए नए चुनाव कराना पंचायती राज अधिनियम की धारा एवं नियमों का खुला उल्लंघन है।

अधिनियम एवं धाराओं के अंतर्गत रोस्टर का पालन करते हुए रोटेशन के तहत आरक्षण से ही चुनाव कराए जाने के नियम हैं साथ ही जिन स्थानों में 2014 में महिलाओं के लिए स्थान आरक्षित किए गए थे उन्हें पुनः पंचायत चुनाव 2021 22 में महिलाओं के लिए ही आरक्षित कर देना एवं पूर्व में पुरुषों के लिए आरक्षित स्थान को पुनः पुरुषों के लिए आरक्षित कर देना यह मध्यप्रदेश में महिला आरक्षण के खिलाफ है लगातार मीडिया में एवं सोशल मीडिया में मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री का इस बात का बार-बार उल्लेख कर रहे हैं कि आगामी समय में मध्यप्रदेश में होने वाले पंचायती राज के चुनाव वर्ष 2014 15 के आरक्षण से होंगे मंत्रियों के इस प्रकार के बयान से पूरे मध्यप्रदेश में पंचायती राज व्यवस्था के अंतर्गत होने वाले चुनाव को लेकर भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई है

अतः आपसे निवेदन है कि इस प्रकार की भ्रम की स्थिति को समाप्त करते हुए पंचायती राज अधिनियम की धारा एवं नियमों का पालन करते हुए आगामी समय में होने वाले पंचायत चुनाव में नए आरक्षण किए जाएंगे यह स्थिति तत्काल स्पष्ट करने का कष्ट करें।

इन सब बातों को मद्देनजर रखते हुए हम आप से मांग करते हैं कि पंचायती राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 एवं मध्यप्रदेश पंचायत निर्वाचन नियम 1995 तहत पंचायत चुनाव वर्ष 2021 22 में नया आरक्षण कराया जाए 2014 के आरक्षण में नया चुनाव कराना पूर्णता ही न्याय संगत नहीं है।

आप का
सैयद जाफर
प्रवक्ता
मध्यप्रदेश कांग्रेस(भोपाल)

">

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!