फतेहगढ़ साहिब। पिछले लंबे समय से सिख कौम की धार्मिक संस्थाओं पर प्रहार कर उन्हें कमजोर करने के निरन्तर प्रयास किए जाते रहे हैं और शिरोमणि कमेटी व अकाली दल को बदनाम करने की साजिश की जा रही है। यह विचार गुरुद्वारा फतेहगढ़ साहिब के मीटिंग हॉल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शिरोमणि अकाली दल की कोर कमेटी के सदस्य गुरप्रीत सिंह राजू खन्ना और दरबारा सिंह गुरु, शिरोमणि कमेटी सदस्य अवतार सिंह रिया, सदस्य भाई रविंदर सिंह खालसा तथा पूर्व चेयरमैन बलजीत सिंह भुट्टा ने कहे।

उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा गठित भाई ईशर सिंह की रिपोर्ट में कहीं भी यह नहीं लिखा गया कि पावन स्वरूप चोरी हुए या उनकी बेअदबी हुई। रिपोर्ट में स्पष्ट तौर पर उल्लेख है कि संबंधित कर्मचारियों की मिली भगत से वे पावन स्वरूप संगत को दिए गए तथा इनकी निर्धारित भेंटा ट्रस्ट फंड में जमा नहीं करवाई गई और न ही इनका बिल काटा गया। दरबारा सिंह गुरु और राजू खन्ना ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को चुनौती देना, कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज के मान-सम्मान को ठेस पहुंचाना और तलब किए जाने पर शर्तें रखना, यह अहंकार का खुला प्रदर्शन है।

दरबारा सिंह गुरु ने आरोप लगाया कि पंजाब में अब तक 100 से अधिक बेअदबी की घटनाएं हो चुकी हैं। सुल्तानपुर लोधी में गुरु घर के अंदर पुलिस फायरिंग, श्री अखंड पाठ साहिब के खंडित होने जैसी घटनाओं पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने शिरोमणि अकाली दल की बढ़ती ताकत और सुखबीर बादल की चढ़दी कला से घबराकर एसजीपीसी में हस्तक्षेप करने के उद्देश्य से एसआईटी का गठन किया है, जिसका मकसद सुखबीर बादल को झूठे मामलों में फंसाना है लेकिन सुखबीर ऐसी धमकियों से डरने वाले नहीं हैं। इस मौके पर जत्थेदार मनमोहन सिंह मुकारोंपुर, जत्थेदार जरनैल सिंह माजरी, जत्थेदार हरबंस सिंह बडाली, जत्थेदार हरिंदर सिंह दीवा, जत्थेदार बलजिंदर सिंह सेखों, सिमरन सिंह डिप्टी, सतविंदर सिंह बादली माई की, मनप्रीत सिंह शाहपुर, लखवीर सिंह सरहिंद, सुखविंदर सिंह, प्रभजोत सिंह, जसवंत सिंह आदि उपस्थित थे।