छत्तीसगढ़ के अधिकारी-कर्मचारियों ने स्वस्फूर्त आगे आकर मुख्यमंत्री सहायता कोष में दिए योगदान, जरूरतमंदों की मदद के लिए दिया एक-एक दिन का वेतन

राज्य सरकार ने कोरोना संकट के लिए कर्मचारियों के वेतन से कटौती नहीं करने का लिया है निर्णय

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोरोना संकट और लाॅकडाउन के लिए राज्य के अधिकारी-कर्मचारियों के वेतन से किसी भी प्रकार की कटौती नहीं करने का निर्णय लिया है। जबकि कई राज्यों द्वारा कोरोना संकट के लिए अपने यहां के अधिकारी-कर्मचारियों के वेतन से अनिवार्य कटौती के आदेश जारी किए गए है। इसके विपरीत छत्तीसगढ़ के अधिकारी-कर्मचारी इस संकट की घड़ी में स्वयं आगे आकर जरूरतमंदो की मदद के लिए मुख्यमंत्री सहायता कोष में अपना सहयोग दे रहे है।

शासकीय अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन छत्तीसगढ़ के प्रांतीय संजोयक ने मुख्यमंत्री को पत्र प्रेषित कर अवगत कराया था कि छत्तीसगढ़ शासन के समस्त शासकीय अधिकारी और कर्मचारियों ने अपने एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा करने का निर्णय लिया है। इस फेडरेशन में राज्य के सभी मान्यता प्राप्त एवं गैर मान्यता प्राप्त पंजीकृत कर्मचारी अधिकारी संगठन शामिल हैं।

इसी तरह राज्य प्रशासनिक सेवा संघ और छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के अधिकारी, छत्तीसगढ़ संचालनालयीन शासकीय कर्मचारी संघ, ग्राम पंचायत सचिव, कोटवार संघ, अतिथि शिक्षक, संयुक्त शिक्षाकर्मी, शिक्षक संघ, छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन, छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ मर्यादित, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड, छत्तीसगढ़ शासकीय महाविद्यालयीन शिक्षक एवं अधिकारी संघ ने इस संकट की घड़ी में स्व स्फूर्त होकर कोरोना वायरस की रोकथाम के उपायों और जरूरतमंदों की मदद के लिए अपने एक-एक दिन का वेतन दिया है।

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