निगम की सामान्य सभा बैठक स्थगित: 4 सरकारी जमीन बेचने समेत 12 करोड़ रुपये गार्डन के लिए प्रस्ताव पारित, विपक्ष ने लगाए तानाशाही के आरोप

सत्यपाल राजपूत, रायपुर। नगर पालिक निगम की सामान्य सभा बैठक स्थगित हो गई है. प्रारम्भ में एक घंटे की अवधि के दौरान प्रश्नकाल के बाद अब प्रस्तावों पर चर्चा हुई. इसमें गार्डन सौंदर्यीकरण के लिए 12 करोड़ का प्रस्ताव पास हो गया है. इसके अलावा पहली बार निगम में सरकारी ज़मीन बेचने का प्रस्ताव पेश हुआ. 4 अलग-अलग सरकारी जमीनों को बेचने का प्रस्ताव पारित किया गया है. इस पर विपक्ष ने तानाशाही का आरोप लगाया है. इसके साथ ही 10 अलग-अलग प्रस्तावों को पास किया गया है.

निगम के हंगामेदार बैठक में अब तक 10 प्रस्ताव पास किए गए हैं. बचे चार प्रस्ताव में कल चर्चा होगी. विपक्ष के हंगामे के बीच प्रस्ताव पास किया गया है. चर्चा के बाद बहुमत के आधार पर इन प्रस्तावों को सभापति ने पास किया है. तेलीबांधा तालाब के सौंदर्यीकरण एवं गार्डन में निर्माण कार्य के लिए 12 करोड़ की स्वीकृति मिली है.

इसके साथ ही चार अलग-अलग सरकारी ज़मीनों को बेचने का प्रस्ताव भी पास किया गया है. इस पर विपक्ष ने तानाशाही करने का आरोप लगाया है. प्रस्ताव में चर्चा के दौरान उठाए सवालों के जवाब से विपक्ष संतुष्ट नहीं दिखा. सत्ता पक्ष विपक्ष के सवालों से भागते नजर आए.

इसके पहले हंगामे के बीच सौंदर्यीकरण के प्रस्ताव पर नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाते हुए कहा कि निगम में घटिया काम हो रहा है. निगम पर स्मार्ट सिटी ने कब्जा कर लिया है. निगम के अधिकारी सत्ता पक्ष मूकदर्शक बनी हुई है. 12 करोड़ के टेंडर को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रस्ताव में नियम स्पष्ट नहीं है. हम किसी भी विकास विकास कार्य के विरोधी नहीं है, लेकिन जो प्रक्रिया अपनाई जा रही है, उस पर संदेह है. उस पर सवाल उठा रहे हैं.

हमारे प्रश्नों का उत्तर नहीं मिल रहा है. सत्ता पक्ष का काम है, हमारे सवालों का उत्तर दें. पार्षदों को विकास कार्य के लिए पैसे नहीं मिल रहे हैं, लेकिन सौंदर्यीकरण लिए 12 करोड़ का प्रस्ताव है, तो सवाल उठा रहे हैं. प्रस्ताव में सौंदर्यीकरण लिखा हुआ है, ये भी स्पष्ट नहीं है. हमारे सवाल के जवाब नहीं दिए जा रहे हैं. क्या हम पागल हैं.

महापौर एजाज़ ढ़ेबर ने कहा कि प्रस्ताव में एक एक विवरण दिया गया है, जो तालाब हैं, उसका सौंदर्यीकरण है और और उद्यान में निर्माण कार्य विपक्ष के लोग भी अपने हैं. विपक्ष के काम सवाल उठाना और सुझाव देना है. हर बात पर सवाल किया जा रहा है, जो प्रस्ताव है, उसमें और अच्छा कैसे किया जा सकता. इस पर कभी कोई सुझाव नहीं देते. ठेकेदार को लेकर सवाल उठाया जा रहा है कि उनको ठेका क्यों दिया गया है. ठेका के नियम शर्तों हैं, जो योग्य व्यक्ति हैं, उन्हीं को ठेका दिया गया है.

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