James Anderson Captaincy: जिस उम्र में क्रिकेटर अकसर संन्यास ले लेते हैं, उस उम्र में एक दिग्गज खिलाड़ी को कप्तानी मिली है. ये वही क्रिकेटर है, जिसने सालों तक इंटरनेशनल क्रिकेट में खाकर टेस्ट फॉर्मेट में राज किया. उसके सामने कई बड़े बल्लेबाज बेबस दिखे. अब करीब 44 साल का हो चुका ये खिलाड़ी टीम को लीड करता दिखेगा.

James Anderson Captaincy: क्रिकेट एक ऐसा खेल है, जिसमें उम्र काफी मायने रखती है. एक उम्र तक ही खिलाड़ी खेलता और फिर संन्यास ले लेता है. डेब्यू की उम्र कुछ भी हो, लेकि 40 की उम्र पार करते ही खिलाड़ी संन्यास की ओर बढ़ जाते हैं. लेकिन इंग्लैंड के महान तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन ने इस सोच को गलत साबित कर दिया है, क्योंकि जिस उम्र में ज्यादातर क्रिकेटर अपने करियर की यादें समेटते हैं, उसी उम्र में एंडरसन को बड़ी जिम्मेदारी मिली है. इंटरनेशनल क्रिकेट से विदाई लेने के बाद भी 43 साल के इस दिग्गज का क्रिकेट को लेकर जुनून और फिटनेस कम नहीं हुआ. यही वजह है कि अब वो 2026 के पूरे काउंटी सीजन में अपनी घरेलू टीम की कप्तानी करते नजर आएंगे.

दाएं हाथ के दिग्गज तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन उन चुनिंदा बॉलर्स में से हैं, जिन्होंने सालों तक इंटरनेशनल क्रिकेट, खासकर टेस्ट फॉर्मेट में राज किया. स्विंग गेंदबाजी के मास्टर माने जाने वाले एंडरसन के सामने दुनिया के बड़े-बड़े बल्लेबाज भी कई बार बेबस दिखे. इंग्लैंड की पिच हो या विदेशी हालात, एंडरसन ने हर जगह अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया. टेस्ट के 188 मैचों में 704 विकेट लेकर उन्होंने खुद को सर्वकालिक महान गेंदबाजों की सूची में शामिल किया है.

2024 में इंटरनेशनल क्रिकेट को कहा था अलविदा

2024 में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास के बाद भी एंडरसन का सफर रुका नहीं है. काउंटी क्रिकेट में वह लगातार खेल रहे हैं और अब उनके क्लब Lancashire ने उन्हें अगले सीजन के लिए फुल-टाइम कप्तान बनाने का फैसला किया है. यह फैसला इस बात का सबूत है अगर फिटनेस और भूख जिंदा हो, तो उम्र सिर्फ एक नंबर है. एंडरसन पहले भी लंकाशायर के लिए कप्तानी कर चुके हैं, लेकिन अब उन्हें पूरे सीजन टीम की अगुआई करनी है. लगभग 44 साल की उम्र में उन्हें कप्तान बनाया गया है.

 304 फर्स्ट क्लास मैचों में 1143 विकेट, आज भी दिखते हैं एब्स

43 साल की उम्र में भी एंडरसन की फिटनेस किसी युवा खिलाड़ी से कम नहीं मानी जाती. आज भी उनकी ट्रेनिंग, अनुशासन और मैदान पर ऊर्जा देखने लायक होती है. उनके पास जबरदस्त फिटनेस है. आज भी उनके सिक्स एब्स दिखते हैं, जो कई युवा खिलाड़ियों पर भी भारी पड़ते हैं. खास बात ये है कि फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनके आंकड़े भी उनकी महानता बयां करते हैं. 300 से ज्यादा मैचों में 1100 से अधिक विकेट लेना आसान नहीं होता, लेकिन एंडरसन ये कमाल कर चुके हैं. 2002 से लेकर अब तक उन्होंने 304 फर्स्ट क्लास मैचों में 1143 विकेट चटकाए हैं.

कप्तान बनाए जाने पर क्या बोले एंडरसन?

कप्तान बनाए जाने पर एंडरसन ने खुशी जाहिर की है. उन्होंने कहा कि ‘पिछले सीजन में लंकाशायर की कप्तानी करना मेरे लिए बहुत बड़ी बात थी. नए सीजन में यह भूमिका फुल-टाइम निभाने पर मुझे गर्व है. मैं अप्रैल में नए काउंटी चैंपियनशिप सीजन में टीम को लीड करने के लिए उत्सुक हूं. हमारे पास शानदार खिलाड़ियों का एक ग्रुप है, जिसमें युवा और अनुभवी दोनों शामिल हैं. मैं इस बात को लेकर उत्साहित हूं कि हम डिवीजन वन में वापस प्रमोशन के साथ मिलकर क्या हासिल कर सकते हैं. हमारी प्राथमिकता यही है.’