Crude Oil Price : मंगलवार, 31 मार्च को, तेल की कीमतों में लगातार चौथे सत्र में भी बढ़ोतरी जारी रही, क्योंकि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का असर ऊर्जा बाजारों पर पड़ रहा है. मई डिलीवरी के लिए ब्रेंट क्रूड $2.26, या 2% बढ़कर $115.04 प्रति बैरल पर पहुंच गया, जो पिछले सत्र के दौरान 19 मार्च के बाद का इसका उच्चतम स्तर है.

मई डिलीवरी के लिए U.S. वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड $3.10, या 3% बढ़कर $105.96 प्रति बैरल पर पहुंच गया, जो 9 मार्च के बाद का इसका उच्चतम स्तर है. मार्च महीने में अब तक, ब्रेंट में 59% की उछाल आई है, जिससे यह अपने रिकॉर्ड पर सबसे मजबूत मासिक प्रदर्शन की ओर अग्रसर है. वहीं WTI में 58% की बढ़ोतरी हुई है, जो मई 2020 के बाद की इसकी सबसे बड़ी बढ़त है.

ये नवीनतम घटनाक्रम तेल की कीमतों में आई उस भारी उछाल के बाद सामने आए हैं, जो ईरान द्वारा ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) को बंद किए जाने के कारण शुरू हुई थी. यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण जलमार्ग है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति का पांचवां हिस्सा होकर गुजरता है.

U.S. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी जारी करते हुए धमकी दी है कि यदि वह देश इस जलमार्ग को दोबारा नहीं खोलता है, तो उसके बिजली संयंत्रों, तेल कुओं और ‘खर्ग द्वीप’ (Kharg Island) को नष्ट कर दिया जाएगा. यह नवीनतम चेतावनी ‘ट्रुथ सोशल’ (Truth Social) पर पोस्ट की गई थी, जिसके साथ यह दावा भी किया गया था कि एक “नई और अधिक समझदार” सरकार के साथ बातचीत चल रही है.

पिछले एक महीने के दौरान, पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष काफी तेज हो गया है; इसकी शुरुआत 28 फरवरी को U.S. और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों से हुई थी. जवाबी कार्रवाई के तौर पर, ईरान इस क्षेत्र में मौजूद U.S. ठिकानों और उसके सहयोगी देशों को निशाना बना रहा है, और उसने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को भी बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा प्रवाह में गंभीर व्यवधान उत्पन्न हो गया है.

इस संघर्ष का बढ़ता दायरा, जिसमें यमन के ‘हूती’ (Houthi) बलों की संलिप्तता भी शामिल है, जिन्होंने सप्ताहांत में इज़राइल की ओर मिसाइलें दागी थीं. मौजूदा ऊर्जा संकट के लिए एक नए खतरे के रूप में उभरा है.

हूती बलों का ‘बाब अल-मंडेब’ (Bab al-Mandeb) जलडमरूमध्य पर काफी प्रभाव है; यह एक और अत्यंत महत्वपूर्ण ‘चोक पॉइंट’ (तंग जलमार्ग) है जो लाल सागर और अदन की खाड़ी को आपस में जोड़ता है. इस मार्ग के बंद होने या इसमें किसी भी प्रकार के व्यवधान से, पहले से ही तंग चल रहे ऊर्जा बाजार पर और अधिक दबाव पड़ सकता है.