प्लास्टिक टिफिन में खाना देना क्यों है बच्चों के लिए खतरनाक? जानें नुकसान...
अप्रैल माह में बहुत से बच्चों के स्कूल दोबारा खुल जाते हैं, और कई बच्चों का स्कूल जीवन का नया सफर भी शुरू होता है. ऐसे में बच्चों के लिए नई कॉपियां, किताबें तो आती ही हैं, साथ ही नया बैग, वॉटर बॉटल और टिफिन बॉक्स भी लिया जाता है.
अक्सर पैरेंट्स बच्चों के लिए टिफिन खरीदते समय आकर्षक डिज़ाइन देखकर प्लास्टिक का टिफिन खरीद लेते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि प्लास्टिक टिफिन में गर्म खाना देना बच्चों के स्वास्थ्य के लिए कितना खतरनाक हो सकता है?
प्लास्टिक टिफिन बॉक्स में BPA (बिस्फिनोल ए), Phthalates, और अन्य हानिकारक रसायन हो सकते हैं, जो गर्म खाने के संपर्क में आकर टिफिन से निकल सकते हैं. ये रसायन शरीर में प्रवेश कर जाते हैं और बच्चों की सेहत पर गंभीर प्रभाव डाल सकते हैं. आइए जानते हैं इससे जुड़ी कुछ अहम बातें:
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हॉर्मोनल गड़बड़ियाँ
BPA और Phthalates जैसे रसायन शरीर के हार्मोनल सिस्टम को प्रभावित करते हैं, जिससे बच्चों के विकास पर नकारात्मक असर पड़ सकता है.
पाचन संबंधी समस्याएं
गर्म खाना प्लास्टिक के रसायनों को सक्रिय कर देता है, जिससे ये खाने में मिल सकते हैं और पेट व आंतों से जुड़ी समस्याएं पैदा कर सकते हैं.
प्रतिरक्षा प्रणाली पर असर
कुछ रसायन बच्चों की इम्यूनिटी को कमज़ोर कर सकते हैं, जिससे वे बार-बार बीमार पड़ सकते हैं.
लंबे समय में गंभीर बीमारियां
लंबे समय तक इन रसायनों के संपर्क में रहना कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है.
बेहतर विकल्प क्या हैं?
- स्टील या ग्लास टिफिन बॉक्स: ये सुरक्षित, टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल होते हैं. बच्चों के लिए सबसे बेहतर विकल्पों में से एक हैं.
- बांस या सिलिकॉन टिफिन: बांस और सिलिकॉन से बने टिफिन बॉक्स न केवल इको-फ्रेंडली होते हैं, बल्कि स्वास्थ्य की दृष्टि से भी सुरक्षित माने जाते हैं.
- टिफिन बॉक्स पर ये ज़रूर जांचें: अगर आप प्लास्टिक टिफिन का ही इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो ध्यान रखें कि वह BPA फ्री हो और उसमें कभी भी गर्म खाना न रखें.
बच्चों की सेहत सबसे कीमती है. ऐसे में सिर्फ डिज़ाइन और रंग देखकर टिफिन न चुनें, बल्कि उसके मटेरियल और सुरक्षा मानकों पर ध्यान देना ज़रूरी है. प्लास्टिक की जगह स्टील, ग्लास या इको-फ्रेंडली विकल्पों को प्राथमिकता दें.
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