दरभंगा। शहर में मंगलवार की रात मौसम ने ऐसा करवट बदला कि अन्नदाताओं के चेहरे पर मायूसी छा गई। रात करीब 11 बजे अचानक आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया। कई इलाकों में भारी बारिश के साथ बड़े आकार के ओले भी गिरे, जिससे गेहूं, आम और लीची की फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचा है। यह तबाही उस वक्त आई है जब किसान अपनी मेहनत की फसल समेटने की तैयारी में थे।

​गेहूं की कटाई पर फिरा पानी

​लहेरियासराय के लोहिया चौक समेत कई क्षेत्रों में 20 से 25 ग्राम तक के ओले गिरने की खबर है। सबसे अधिक मार गेहूं की फसल पर पड़ी है। वर्तमान में गेहूं या तो कटाई के अंतिम चरण में है या फिर काटकर खलिहानों में सुखाने के लिए रखी गई है। बारिश के कारण फसल पूरी तरह भीग गई है, जिससे दाने काले पड़ने और गुणवत्ता खराब होने का खतरा बढ़ गया है। किसानों का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर खेती की थी, लेकिन अब लागत निकालना भी मुश्किल लग रहा है।

​आम और लीची के मंजर झड़े

​फलों का राजा कहा जाने वाला आम और शाही लीची भी इस प्राकृतिक आपदा से अछूते नहीं रहे। तेज हवाओं और ओलावृष्टि के कारण पेड़ों पर लगे मंजर और छोटे फल झड़ गए हैं। सैदनगर के किसान राकेश कुमार ने बताया कि गेहूं के साथ-साथ मक्का और मौसमी सब्जियों पर भी बुरा असर पड़ा है। अगर मौसम का मिजाज ऐसा ही रहा, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी भयावह हो सकती है।

​मुआवजे की गुहार

​मझौलिया की रहने वाली संगीता देवी ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि ओले आलू के आकार के थे। उन्होंने कहा, कल फसल की कटाई होनी थी, लेकिन कुदरत ने सब चौपट कर दिया। वहीं, स्थानीय निवासी राकेश रंजन ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का तुरंत सर्वे कराया जाए। किसानों ने सरकार से आर्थिक मदद और उचित मुआवजे की अपील की है ताकि वे इस गहरे वित्तीय संकट से उबर सकें। फिलहाल, पूरे जिले में किसान आसमान की ओर देख रहे हैं और मौसम सामान्य होने की प्रार्थना कर रहे हैं।