रोहित कश्यप, मुंगेली l जिले के लोरमी तहसील में पिछले 15 दिनों से चल रहा पटवारी, राजस्व निरीक्षक (आरआई) और तहसीलदार के बीच का गतिरोध आखिरकार समाप्त हो गया है। कलेक्टर के मार्गदर्शन और हस्तक्षेप के बाद उनके निर्देशन में प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के अधिकारियों तथा पटवारी-आरआई संगठनों के बीच बैठक आयोजित की, जिसमें आपसी सामंजस्य से समाधान निकाल लिया गया। इसके बाद हड़ताली पटवारी और राजस्व निरीक्षक अपने-अपने कार्य पर लौट आए।


दरअसल, पटवारी और राजस्व निरीक्षक संघ ने लोरमी तहसील में पदस्थ तहसीलदार शेखर पटेल को हटाने की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया था। हड़ताली कर्मचारियों का आरोप था कि तहसीलदार द्वारा कार्य के दौरान अनावश्यक दबाव और प्रताड़ना दी जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर 29 जनवरी से लोरमी तहसील के पटवारी और आरआई अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए थे।

मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब तीन दिनों के लिए जिला पटवारी–आरआई संघ ने भी समर्थन दे दिया। वहीं कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ (नायब तहसीलदार एवं तहसीलदार) ने तहसीलदार शेखर पटेल को हटाने की स्थिति में जोरदार विरोध दर्ज कराने की बात कही थी।
संघ पदाधिकारियों ने कलेक्टर से मुलाकात कर अपनी नाराजगी और मांगें रखी थीं। लगातार बढ़ते गतिरोध और प्रशासनिक कार्य प्रभावित होने की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर को हस्तक्षेप करना पड़ा। वहीं कलेक्टर द्वारा बुलाई गई बैठक में सभी पक्षों को विस्तार से सुना गया।
बैठक में आपसी संवाद, संयम और प्रशासनिक मर्यादा बनाए रखते हुए कार्य करने पर सहमति बनी। कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि कर्मचारियों की जो भी जायज मांगें या शिकायतें हैं, उन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए गए।
इससे पहले उन्होंने मीटिंग में राजस्व प्रकरणों के मामलों का तेजी से निपटारा करने के निर्देश दिए, साथ ही शासन एवं जिला प्रशासन के प्राथमिकता वाले कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के भी निर्देश दिए।
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें


