लखनऊ. डिफेंस कॉरिडोर घोटाले में दोषी आईएएस अभिषेक प्रकाश पर लगातार शिकंजा कसता जा रहा है. अब उनके खिलाफ विजिलेंस ने भी गोपनीय जांच शुरू कर दी है. सोलर प्लांट लगाने के नाम पर वसूली के आरोप में आईएएस अभिषेक प्रकाश निलंबित किए गए हैं. सीएम ने वसूली के आरोप के बाद उनके खिलाफ जांच के आदेश दिए थे. जिसके बाद उनकी सभी चल-अचल संपत्तियों की जांच चल रही है.

विजिलेंस ने इस मामले में इन्वेस्ट यूपी के निलम्बित सीईओ अभिषेक प्रकाश के बेहद करीबी निकांत जैन के खिलाफ दर्ज एफआईआर (FIR) का ब्योरा लिया. साथ ही पुलिस से निकांत जैन की इन्ट्रोगेशन रिपोर्ट भी मांगी है. इस मामले में 20 मार्च को गोमती नगर थाने में निकांत जैन के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी. इसके बाद निकांत को गिरफ्तार कर लिया गया था. निकांत पर इन्वेस्ट यूपी के एक अधिकारी के कहने पर रिश्वत मांगने का आरोप लगा था.
इसे भी पढ़ें : Waqf Amendment Bill 2025 : कानून और शांति व्यवस्था को मजबूत करने पुलिस का फ्लैग मार्च, आज राज्यसभा में पेश किया जाएगा विधेयक
बता दें कि 30 मार्च को नियुक्ति विभाग ने निलंबित आईएएस अभिषेक प्रकाश को चार्जशीट सौंपी थी. जिसमें रिश्वत लेने के मामले में अभिषेक प्रकाश से जवाब मांगा था. अभिषेक प्रकाश के जवाब के आधार पर अब आगे की कार्रवाई की बात सामने आई थी. सेल सोलर P6 कंपनी (sael Solar P6 Company) से रिश्वत मांगने के आरोप में अभिषेक प्रकाश का सस्पेंशन हुआ था. अभिषेक प्रकाश के जवाब देने के बाद जांच अधिकारी की नियुक्ति होनी थी. किसी वरिष्ठ या न्यायिक सेवा के अधिकारी को ये जिम्मेदारी देने की बात सामने आई थी. जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर निलंबित अफसर पर विभागीय कार्रवाई की बात कही गई थी. अब विजिलेंस ने उनके खिलाफ अपनी गोपनीय जांच शुरू कर दी है.
करीबियों पर भी शिकंजा
इतना ही नहीं इस मामले में निलंबित आईएएस अभिषेक प्रकाश के करीबी निकांत जैन की पत्नी से भी पूछताछ होगी. निकांत जैन की पत्नी के खाते में कई लेनदेन मिलने के बाद पुलिस ने कई जानकारी जुटाई है. निकांत जैन और भाई सुकांत जैन के दफ्तर से मिले दस्तावेजों की छानबीन की जा रही है.
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें