Defrail Tech IPO Listing: शेयर बाजार में डेफ्रेल टेक IPO की जोरदार लिस्टिंग हुई है. रबर पार्ट्स और कंपोनेंट्स बनाने वाली कंपनी ने आज BSE SME प्लेटफॉर्म पर शानदार शुरुआत की. IPO को निवेशकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला. यह 105 गुना से ज्यादा ओवरसब्सक्राइब हुआ. स्टॉक 74 रुपये प्रति शेयर के इश्यू प्राइस पर जारी किए गए थे.
आज BSE SME पर यह स्टॉक 95 रुपये पर लिस्ट हुआ, जिससे IPO निवेशकों को करीब 11 प्रतिशत का लिस्टिंग गेन मिला. हालांकि IPO निवेशकों की शुरुआती खुशी ज्यादा देर तक नहीं रही, क्योंकि शेयर की कीमत में गिरावट देखने को मिली. यह गिरकर 92.30 रुपये पर आ गया. इस स्तर पर IPO निवेशक करीब 24.73 प्रतिशत के मुनाफे में हैं.
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डेफ्रेल टेक IPO के फंड का इस्तेमाल कैसे होगा
डेफ्रेल टेक का 14 करोड़ रुपये का IPO 9 से 13 जनवरी तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था. IPO को निवेशकों से शानदार रिस्पॉन्स मिला और यह कुल मिलाकर 105.54 गुना ओवरसब्सक्राइब हुआ.
क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIBs के लिए रिजर्व हिस्सा 71.09 गुना सब्सक्राइब हुआ, जिसमें एंकर निवेशक शामिल नहीं हैं. नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स यानी NII का हिस्सा 160.95 गुना सब्सक्राइब हुआ. वहीं रिटेल निवेशकों का कोटा 101.28 गुना भरा गया.
IPO में 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 18,60,800 नए शेयर जारी किए गए. इनसे जुटाए गए फंड में से 7.96 करोड़ रुपये का इस्तेमाल इक्विपमेंट और मशीनरी खरीदने के लिए किया जाएगा. इसके अलावा 1.73 करोड़ रुपये सोलर पैनल खरीदने और लगाने में खर्च किए जाएंगे. बची हुई राशि का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए होगा.
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डेफ्रेल टेक के बारे में
डेफ्रेल टेक की स्थापना अक्टूबर 2023 में हुई थी. यह कंपनी रबर पार्ट्स और कंपोनेंट्स का निर्माण करती है. इसके प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल ऑटोमोटिव, रेलवे और डिफेंस जैसे सेक्टर्स में होता है. कंपनी का बिजनेस मॉडल मुख्य रूप से B2B है.
यह कंपनी B2G मॉडल के तहत भारतीय रेलवे और डिफेंस सेक्टर को भी सप्लाई करती है. कंपनी की शुरुआत 1980 में विकास रबर इंडस्ट्रीज के गठन के साथ हुई थी. इसके बाद 2008 में B2B क्लाइंट्स को सेवाएं देने के लिए इम्पेक्स हाई-टेक रबर की स्थापना की गई.
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