गाजियाबाद के लोनी से शुरू होने वाले दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (Delhi-Dehradun Expressway)  का उद्घाटन 14 अप्रैल को किया जाएगा। नई एक्सप्रेसवे से राजधानी दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा और अधिक सुगम और तेज हो जाएगी। इस एक्सप्रेसवे के दो खंड पहले ही वाहनों के लिए खोल दिए गए हैं. दिल्ली से लोनी और लोनी से बागपत। उद्घाटन के बाद पूरी रूट, जो दिल्ली के अक्षरधाम से होकर बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर तक जाती है, यात्रियों के लिए पूरी तरह उपलब्ध हो जाएगी। इससे गाजियाबाद और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को जाम में फंसे बिना देहरादून पहुंचने की सुविधा मिलेगी। एनएचएआई के अधिकारी उद्घाटन और यातायात व्यवस्था को लेकर पूरी तैयारी कर रहे हैं।

210 किलोमीटर लंबा है एक्सप्रेसवे

दिल्ली से देहरादून तक 210 किलोमीटर लंबे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का निर्माण कई खंडों में बांटकर किया गया है। इस एक्सप्रेसवे से यात्रियों को तेज और सुविधाजनक सफर मिलेगा। पहला खंड: अक्षरधाम से लोनी दूसरा खंड: लोनी से खेकड़ा के पास मवीकला गांव तक दोनों खंडों की लंबाई: 32 किलोमीटर, जो पहले ही वाहनों के लिए खोले जा चुके हैं। इन खुले खंडों पर कई महीनों से वाहन चालक सरपट सफर कर रहे हैं और इसका अनुभव सकारात्मक रहा है। अब एक्सप्रेसवे को बागपत से देहरादून तक खोलने की तैयारी की जा रही है, जिससे पूरे मार्ग पर यात्रा आसान और समयबद्ध होगी।

जिले के लोगों के पास 2 विकल्प

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे खुलने के बाद गाजियाबाद के लोगों के पास देहरादून तक तेज और सुरक्षित सफर करने के दो विकल्प होंगे। पहला विकल्प: लोनी से होकर एक्सप्रेसवे पर प्रवेश करना। दूसरा विकल्प: ईस्टर्न पेरिफेरल रोड से खेकड़ा के मवीकला गांव से सीधे एक्सप्रेसवे में शामिल होना। विशेषज्ञों के अनुसार, एक्सप्रेसवे से देहरादून की दूरी अब लगभग ढाई घंटे में पूरी की जा सकेगी। वर्तमान में गाजियाबाद से देहरादून जाने के लिए लोग मेरठ, मुजफ्फरनगर और हरिद्वार होते हुए यात्रा करते हैं, जहां जाम और समय की लंबी देरी आम समस्या है।

तीन एक्सप्रेसवे का अनूठा संगम

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खासियत इसका सशक्त कनेक्टिविटी नेटवर्क है। एक्सप्रेसवे को बागपत में ईस्टर्न पेरिफेरल रोड से जोड़ा गया है। ईस्टर्न पेरिफेरल पहले से ही गाजियाबाद में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) से जुड़ा हुआ है। इन तीनों एक्सप्रेसवे के आपस में जुड़ने से गाजियाबाद, नोएडा और बुलंदशहर के करोड़ों लोग सीधे लाभान्वित होंगे।

जेब पर कितना पड़ेगा असर?

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के लिए एनएचएआई ने सफर के दौरान लगने वाले टोल दरों की जानकारी स्पष्ट कर दी है। दिल्ली से देहरादून तक यात्रा करने के लिए कार चालकों को 675 रुपये टोल टैक्स देना होगा। यदि कोई वाहन 24 घंटे के भीतर वापसी करता है, तो उसे कुल 1,010 रुपये टोल देना होगा। परियोजना अधिकारी अरविंद कुमार के अनुसार, दिल्ली से लोनी और लोनी से बागपत तक के दो खंड पहले ही चालू हैं। सहारनपुर में होने वाले मुख्य उद्घाटन कार्यक्रम के बाद पूरे रूट को जनता के लिए समर्पित कर दिया जाएगा।

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