दिल्ली के द्वारका में 23 साल के साहिल धनेशरा की मौत के मामले में किशोर न्याय बोर्ड (JJB) ने 17 वर्षीय नाबालिग आरोपी के व्यवहार पर सख्त टिप्पणी की है। बोर्ड ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि आरोपी के मन में अपनी हरकत पर कोई पछतावा नहीं था और वह लोगों की जिंदगी की कीमत को समझने में असमर्थ है। किशोर का यह रवैया बोर्ड के लिए गंभीर चिंता का विषय माना गया। इसके बाद आरोपी को सुधार और काउंसलिंग के लिए निगरानी गृह भेजा गया है ताकि उसे संवेदनशील बनाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
14 फरवरी को जारी आदेश में कहा गया कि हादसे के अगले दिन जब किशोर बोर्ड के सामने पेश हुआ, तो वह पूरी तरह संवेदनहीन नजर आया और उसमें कोई पछतावा नहीं दिखा। आरोपी के व्यवहार को देखते हुए उसे सुधार और काउंसलिंग के लिए निगरानी गृह भेज दिया गया। बोर्ड ने यह कदम नाबालिग को संवेदनशील बनाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से उठाया। इसी बीच, सोशल मीडिया पर हादसे का एक नया वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना 3 फरवरी को लाल बहादुर शास्त्री संस्थान के पास हुई थी। वीडियो में देखा जा सकता है कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि साहिल की बाइक के परखच्चे उड़ गए और आरोपी की एसयूवी एक खड़ी टैक्सी से टकरा गई।
वीडियो में नाबालिग आरोपी और उसकी बहन का व्यवहार काफी विवादास्पद नजर आ रहा है। आरोपी और उसकी बहन स्थानीय लोगों के बीच बहस करते नजर आए, जिसमें उन्होंने पीड़ित को हादसे का जिम्मेदार ठहराने की कोशिश की। घटना स्थल पर भारी भीड़ जमा थी, जबकि साहिल की क्षतिग्रस्त मोटरसाइकिल सड़क के बीचो-बीच पड़ी थी। आरोपी की एसयूवी, जो पहले बाइक से टकराई और फिर एक खड़ी टैक्सी से भिड़ गई, बुरी तरह क्षतिग्रस्त पड़ी थी। टैक्सी भी जगह पर नुकसान के साथ खड़ी थी। वीडियो से यह भी पता चलता है कि स्थानीय लोग दोनों को घटनास्थल से भागने से रोकने की कोशिश कर रहे थे और आरोपी की बहन अपने भाई का बचाव करती हुई दिखाई दी।
वीडियो में क्या दिखा
आरोपी और उसकी बहन स्थानीय लोगों के सवालों का सामना कर रहे हैं। एक सीन में आसपास खड़े लोग दोनों को घटनास्थल से भागने से रोकने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। एक व्यक्ति जोर से चिल्लाता है कि “चालक एक व्यक्ति को मारने के बाद भागने की कोशिश कर रहा था।” आरोपी की बहन अपने भाई का बचाव करते हुए यह दावा करती सुनाई दे रही है कि मोटरसाइकिल सवार तेज गति से गाड़ी चला रहा था। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि अगर एसयूवी तेज रफ्तार से नहीं चली तो टैक्सी को इतना नुकसान कैसे हुआ। वीडियो में आरोपी लगातार दुर्घटना के लिए पीड़ित को दोषी ठहराने की कोशिश करता नजर आ रहा है। दिल्ली के द्वारका में 23 साल के साहिल धनेशरा की मौत के मामले में पुलिस ने नए तथ्य साझा किए हैं। यह हादसा 3 फरवरी को दोपहर करीब 12 बजे हुआ, जब साहिल अपने काम पर जा रहे थे।
पुलिस जांच में सामने आए मुख्य तथ्य
17 वर्षीय नाबालिग लड़के द्वारा चलाई जा रही महिंद्रा स्कॉर्पियो एन साहिल की बाइक से टकराई। इसके बाद एसयूवी खड़ी टैक्सी से भी जा टकराई, जिससे टैक्सी चालक घायल हो गया। आरोपी ने प्रारंभ में अपनी उम्र 19 साल बताई थी, लेकिन दस्तावेज सत्यापन के बाद यह पता चला कि वह नाबालिग है।
किशोर न्याय बोर्ड में पेशी: आरोपी को पकड़कर किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया।
पिता पर जिम्मेदारी: आरोपी के पिता को नाबालिग को वाहन चलाने की अनुमति देने के आरोप में मोटर वाहन अधिनियम के तहत जिम्मेदार ठहराया गया।
सोशल मीडिया रील की जांच: पीड़ित की मां का आरोप है कि हादसे के समय आरोपी सोशल मीडिया ‘रील’ बनाने के लिए लापरवाही से गाड़ी चला रहा था। पुलिस जांच कर रही है कि क्या दुर्घटना के समय कोई रिकॉर्डिंग की जा रही थी।
वीडियो की प्रामाणिकता: पुलिस सूत्रों ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि के लिए जांच की जा रही है।
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