सर्दियों के मौसम में पहले से ही गंभीर प्रदूषण की समस्या से जूझ रही राजधानी दिल्ली-एनसीआर अब एक नई मुसीबत का सामना कर रही है। जेएनयू (जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय) की एक हालिया रिसर्च के अनुसार, सर्द हवाओं के कारण खतरनाक दवा-प्रतिरोधी बैक्टीरिया (Drug-Resistant Bacteria) फैल रहे हैं। रिसर्च के निष्कर्षों के मुताबिक, ये बैक्टीरिया स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं और पलूशन के साथ मिलकर शहर के लोगों के लिए दोहरी चुनौती बन सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में सुरक्षा और स्वच्छता के उपायों को और कड़ा करने की आवश्यकता है।

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के स्कूल ऑफ एनवायरनमेंटल साइंसेज के शोधकर्ताओं के अनुसार, सर्द हवाओं के कारण हवा में खतरनाक दवा-प्रतिरोधी बैक्टीरिया (Drug-Resistant Bacteria) फैल रहे हैं। शोधकर्ताओं ने बताया कि ये बैक्टीरिया एंटीबायोटिक-प्रतिरोधी स्टैफिलोकोसी हैं, जो घर के अंदर और बाहर दोनों जगह की हवा में मौजूद रहते हैं। उन्होंने कहा कि सर्दियों में इन बैक्टीरिया की संख्या हवा में अधिक बढ़ जाती है, जिससे दिल्लीवासियों के लिए स्वास्थ्य जोखिम बढ़ जाता है।

दवाएं भी हो जाएंगी बेअसर

शोध के अनुसार ये बैक्टीरिया एंटीबायोटिक-प्रतिरोधी स्टैफिलोकोसी हैं, जो घर के अंदर और बाहर दोनों जगह मौजूद होते हैं। नेचर जर्नल में प्रकाशित नतीजों से यह पता चलता है कि इनमें मेथिसिलिन-प्रतिरोधी स्टैफिलोकोसी (MRS) पाया गया है, जो आमतौर पर इस्तेमाल होने वाली एंटीबायोटिक दवाओं को बेअसर कर सकता है। शोधकर्ताओं के अनुसार सर्दियों में इन बैक्टीरिया की संख्या हवा में अधिक बढ़ जाती है, जिससे दिल्लीवासियों के लिए पलूशन के साथ ही बैक्टीरिया से लड़ने की दोहरी चुनौती उत्पन्न हो जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में स्वच्छता और सुरक्षा उपायों को और कड़ा करना बेहद जरूरी है।

शोध के लिए दिल्ली में कई जगहों पर हवा के सैंपल लिए गए। टेस्टिंग के दौरान शुद्ध बैक्टीरियल स्ट्रेन को अलग करने पर पता चला कि 74 प्रतिशत बैक्टीरिया एंटीबायोटिक दवाओं के प्रतिरोधी थे, जबकि 36 प्रतिशत स्ट्रेन कई दवाओं के लिए प्रतिरोधी पाए गए। अध्ययन में स्टैफिलोकोकस बैक्टीरिया की 8 प्रजातियों का विश्लेषण किया गया, जिनमें दो ऐसे बैक्टीरिया शामिल थे जो आमतौर पर जानवरों और इंसानों को संक्रमित कर सकते हैं।

नेचर जर्नल में प्रकाशित इस शोध के अनुसार, इन बैक्टीरिया में मेथिसिलिन-प्रतिरोधी स्टैफिलोकोसी (MRS) पाए गए हैं, जो आमतौर पर इस्तेमाल होने वाली एंटीबायोटिक दवाओं को बेअसर कर सकते हैं। इस अध्ययन की मुख्य शोधकर्ता माधुरी सिंह ने बताया कि सर्दियों में बैक्टीरिया की बढ़ोतरी यह समझने में मदद कर सकती है कि इस मौसम में फेफड़ों और सांस से संबंधित इन्फेक्शन क्यों अधिक गंभीर और लंबे समय तक रहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मॉनसून के दौरान दिल्ली की हवा में सबसे कम बैक्टीरिया पाए गए, जो मौसम और स्वास्थ्य के बीच संबंध को दर्शाता है।

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