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नई दिल्ली। बदलते समय के साथ तालमेल बिठाते हुए दिल्ली परिवहन विभाग राष्ट्रीय राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बदलने के तरीकों पर काम कर रहा है. दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने एक साक्षात्कार में इलेक्ट्रिक वाहनों, सार्वजनिक परिवहन में अधिक महिलाओं की भागीदारी और दिल्ली सरकार द्वारा ‘प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव’ के लिए अन्य पहलों के बारे में बात की.

प्रश्न: इलेक्ट्रिक डीटीसी बसों की क्या स्थिति है?

जबाव: ई-बसें समय पर हैं. महामारी से प्रेरित लॉकडाउन के कारण कुछ देरी हुई थी, लेकिन अब चीजें ऊपर और चल रही हैं. जनवरी 2022 तक दिल्ली के पास 300 बसों का पहला बेड़ा होगा. जहां तक सीएनजी बसों का सवाल है, दिल्ली सरकार दो बैचों में 800 कम्प्रेस्ड नेचुरल गैस बसों का ऑर्डर देगी. पहले में 450 और दूसरी में 350. उसके बाद हम भविष्य में सार्वजनिक परिवहन के लिए केवल इलेक्ट्रिक बसों की खरीद करेंगे.

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दिल्ली सरकार ने 100 चार्जिंग स्टेशनों के लिए भी टेंडर जारी किया है. दूसरे लॉट में 100 और आएंगे. ये दिल्ली के विभिन्न स्थानों में मौजूदा 100 से अधिक चार्जिंग स्टेशनों के अलावा हैं. इसके अलावा डीटीसी द्वारका सेक्टर -8, द्वारका सेक्टर 2 डिपो, महरौली टर्मिनल, नेहरू प्लेस टर्मिनल, ओखला सीडब्ल्यू- 2, सुखदेव विहार डिपो और कालकाजी डिपो में ऐसे स्टेशन स्थापित करने की योजना बना रहा है. अगले एक साल में दिल्ली में हर तीन किलोमीटर के दायरे में चार्जिंग स्टेशन होंगे.

प्रश्न: इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए प्रोत्साहन किस खंड के तहत प्रदान किया जाएगा ?

उत्तर: ई-ऑटो के लिए 30,000 रुपए का प्रत्यक्ष नकद प्रोत्साहन है. दोपहिया वाहनों पर अधिकतम 30,000 रुपये के प्रोत्साहन दिए जाएंगे. इसके अलावा पंजीकरण शुल्क माफ कर दिया गया है, पार्किंग नि:शुल्क है. ये किसी भी सब्सिडी के बड़े घटक हैं.

प्रश्न: ई-ऑटो के बाद सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में अधिक महिलाओं को शामिल करने के लिए दिल्ली सरकार के अगले कदम क्या हैं?

उत्तर: अब तक हमें ई-ऑटो के लिए कुल 11,522 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 326 महिलाएं हैं. दिल्ली सरकार ने महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण के साथ इलेक्ट्रिक ऑटो परमिट का ऑनलाइन पंजीकरण शुरू किया है. हम इस कोटा को भरने तक आवेदन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की योजना बना रहे हैं.

प्रश्न : दिल्ली की सड़कों पर बड़ी संख्या में चलने वाले वाहनों को शहर में प्रदूषण के मुख्य कारणों में से एक कहा जाता है और अगर ऐसा ही चलता रहा तो राजधानी का दम घुट जाएगा. इसमें कितनी सच्चाई है?

उत्तर: मुझे लगता है कि हर शहर में यह समस्या है. यहां तक कि लंदन और न्यूयॉर्क जैसे शहर भी. साथ ही सड़क पर निकलने वाले वाहनों की संख्या हमेशा पंजीकृत आंकड़े से 20-30 फीसदी कम होती है.

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