दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) को कथित मेडिकल लापरवाही से जुड़ी शिकायत पर छह महीने के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया है। यह मामला सिंगापुर में रहने वाली भारतीय महिला वी. अनीथा की मौत से संबंधित है। मामले के अनुसार, सितंबर 2021 में वी. अनीथा ने लिपोसक्शन सर्जरी (liposuction surgery) कराई थी, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर उन्हें फरीदाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी।
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि मेडिकल लापरवाही जैसे संवेदनशील मामलों में अनावश्यक देरी उचित नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि शिकायत पर समयबद्ध फैसला होना चाहिए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और जवाबदेही तय हो। कोर्ट के निर्देश के बाद अब NMC को मामले की जांच पूरी कर छह महीने के भीतर अंतिम निर्णय लेना होगा।
मृतका की मां हाई कोर्ट में दाखिल अर्जी पर लगाया आरोप
दिल्ली हाईकोर्ट में सिंगापुर में रहने वाली भारतीय महिला वी. अनीथा की मौत से जुड़े मामले में मृतका की मां रंजकम इंद्रा विश्वनाथन ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी की मौत कथित रूप से गलत तरीके से की गई लिपोसक्शन सर्जरी के कारण हुई। उन्होंने यह भी कहा कि कई साल तक शिकायत करने के बावजूद मेडिकल नियामकों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। अनीथा की सर्जरी दिल्ली के SDA स्थित डेजायर क्लिनिक में डॉ. प्रशांत यादव द्वारा की गई थी। याचिका में कहा गया है कि सर्जरी मानक चिकित्सा नियमों के विपरीत की गई और इसके बाद कई संदिग्ध परिस्थितियां सामने आईं।
27 किलोमीटर में दूर ले जाकर ईलाज करने पर उठा सवाल
दिल्ली हाईकोर्ट में सिंगापुर में रहने वाली भारतीय महिला वी. अनीथा की मौत से जुड़े मेडिकल लापरवाही मामले में कई गंभीर सवाल उठाए गए हैं। याचिका में तर्क दिया गया है कि तबीयत बिगड़ने पर अनीथा को नजदीकी बड़े अस्पताल, जैसे AIIMS या सफदरजंग, ले जाने के बजाय करीब 27 किलोमीटर दूर फरीदाबाद के वेदांता अस्पताल क्यों ले जाया गया। याचिका में कहा गया है कि फरीदाबाद अस्पताल से जुड़े मेडिकल लीगल केस के दस्तावेजों में विरोधाभास है। एक जगह मरीज को बेहोश (unconscious) बताया गया है, जबकि दूसरी जगह बrought dead लिखा गया है। परिवार के अनुसार, उन्होंने FIR दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन मेडिकल लापरवाही के मामलों में पहले मेडिकल जांच जरूरी होने के कारण पुलिस ने यह करने से मना कर दिया।
दिल्ली मेडिकल काउंसिल में साल 2022 में की थी शिकायत
दिल्ली हाईकोर्ट ने नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) को निर्देश दिया है कि वह सिंगापुर में रहने वाली भारतीय महिला वी. अनीथा की कथित मेडिकल लापरवाही से जुड़ी शिकायत पर छह महीने के भीतर निर्णय ले। हाईकोर्ट में दाखिल अर्जी में कहा गया कि फरवरी 2022 में दिल्ली मेडिकल काउंसिल में शिकायत दी गई थी, लेकिन लंबे समय तक कोई फैसला नहीं आया। इसके बाद परिवार ने NMC का रुख किया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि राज्य मेडिकल काउंसिल को पहले ऐसे मामलों पर फैसला करना चाहिए, लेकिन यदि वहां देरी होती है तो NMC को छह महीने के भीतर अंतिम निर्णय लेना अनिवार्य है।
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