दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने दिग्गज संगीतकार इलैयाराजा (Music Director Ilaiyaraaja) को बड़ा झटका दिया है। अदालत ने सारेगामा इंडिया लिमिटेड के पक्ष में अंतरिम आदेश सुनाया है, जिसके तहत इलैयाराजा को उन गानों और साउंड रिकॉर्डिंग्स का इस्तेमाल करने या उन्हें किसी और को लाइसेंस देने से रोका गया है, जिन पर म्यूजिक लेबल सारेगामा इंडिया लिमिटेड कॉपीराइट का दावा करता है। यह आदेश सारेगामा द्वारा दाखिल किए गए कमर्शियल सूट पर सुनवाई के दौरान दिया गया। अदालत ने फिलहाल मामला सुनवाई के अगले दौर तक स्थगित किया है और अंतरिम आदेश जारी किया है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने लगाई एकतरफा रोक

दिल्ली उच्च न्यायालय ने मशहूर संगीतकार इलैयाराजा को सारीगामा इंडिया लिमिटेड के पक्ष में एकतरफा अंतरिम रोक (interim injunction) जारी करते हुए रोक लगा दी है। अदालत ने आदेश में कहा कि इलैयाराजा उन गानों और साउंड रिकॉर्डिंग्स का इस्तेमाल नहीं कर सकते और न ही उन्हें किसी अन्य को लाइसेंस दे सकते हैं, जिन पर म्यूजिक लेबल सारेगामा इंडिया लिमिटेड कॉपीराइट का दावा करता है। यह आदेश न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ ने म्यूजिक लेबल द्वारा दाखिल किए गए व्यावसायिक मामले की सुनवाई के दौरान दिया। अदालत ने फिलहाल यह अंतरिम रोक अगले आदेश तक लागू रहने का निर्देश दिया है।

सारेगामा की क्या दलील?

सारेगामा इंडिया लिमिटेड ने अदालत को बताया कि वर्ष 1976 से 2001 के बीच फिल्म प्रोड्यूसर्स के साथ किए गए असाइनमेंट समझौतों के आधार पर कई भारतीय भाषाओं में बनी फिल्मों के म्यूजिक और साउंड रिकॉर्डिंग पर उसका कॉपीराइट है। कंपनी ने कहा कि इन रिकॉर्डिंग्स की सूची काफी लंबी है और इनके उपयोग पर केवल सारेगामा के अधिकार हैं। अदालत ने इसे ध्यान में रखते हुए इलैयाराजा को इन रिकॉर्डिंग्स का कोई भी उपयोग करने या लाइसेंस देने से रोकने का अंतरिम आदेश जारी किया।

इलैयाराजा पर क्या आरोप?

सारेगामा इंडिया लिमिटेड के अनुसार, इन समझौतों ने उन्हें अलग-अलग सिनेमैटोग्राफिक फिल्मों में शामिल म्यूजिक और साउंड रिकॉर्डिंग्स को दोबारा बनाने, लाइसेंस देने और व्यावसायिक इस्तेमाल करने के विशेष, वैश्विक और लगातार अधिकार प्रदान किए हैं। मुकदमे में कंपनी ने आरोप लगाया है कि फरवरी 2026 में इलैयाराजा ने इन रिकॉर्डिंग्स को तीसरे पक्ष को लाइसेंस देना शुरू कर दिया। इसके तहत उनके गाने अमेज़ॉन म्यूजिक, आईट्यून्स और जियो सावन जैसे प्लेटफॉर्म पर अपलोड किए गए और उनके काम पर मालिकाना हक का दावा भी किया गया।

फिल्म प्रोड्यूसर ही मालिक

सारेगामा इंडिया लिमिटेड ने अदालत में कहा कि इलैयाराजा का यह कदम उनके कॉपीराइट अधिकारों का उल्लंघन है। कंपनी ने तर्क दिया कि रिकॉर्डिंग पर उनके कानूनी हक को लेकर भ्रम पैदा किया गया है। सारेगामा की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता चंदर एम. लाल ने अदालत को बताया कि कॉपीराइट एक्ट के तहत फिल्म प्रोड्यूसर को फिल्मों के लिए बनाए गए म्यूजिक और साउंड रिकॉर्डिंग का पहला मालिक माना जाता है। केवल तभी कोई अलग अधिकार अनुबंध में स्पष्ट रूप से दर्ज होना चाहिए। उनका कहना था कि इस मामले में सारेगामा के पास विशेष अधिकार हैं और इलैयाराजा का तीसरे पक्ष को लाइसेंस देना इस अधिकार का उल्लंघन है।

सारेगामा इंडिया लिमिटेड ने अदालत में बताया कि उन्होंने इन म्यूजिक और साउंड रिकॉर्डिंग्स पर अपने खास अधिकारों का दावा प्रोड्यूसरों द्वारा कंपनी के पक्ष में किए गए असाइनमेंट समझौते के आधार पर किया है। अदालत ने शिकायत, प्रस्तुत दस्तावेज़ और दलीलों की समीक्षा करने के बाद पाया कि सारेगामा ने पहली नजर में एक मजबूत मामला प्रस्तुत किया है। इसी आधार पर अदालत ने इलैयाराजा पर अंतरिम रोक का आदेश जारी किया।

30 दिनों के अंदर लिखित बयान दाखिल करने के निर्देश

दिल्ली हाईकोर्ट की पीठ ने पाया कि असाइनमेंट समझौते और रिकॉर्ड पर रखी गई सामग्री के आधार पर सारेगामा इंडिया लिमिटेड के पक्ष में सुविधा का संतुलन है। अदालत ने कहा कि अगर इलैयाराजा गानों का लगातार इस्तेमाल करते रहे, तो ऐसा नुकसान हो सकता है जिसकी भरपाई केवल पैसे से नहीं की जा सकती। पीठ ने मुकदमे में समन जारी किया है और प्रतिवादियों को निर्देश दिया है कि वे 30 दिनों के भीतर लिखित बयान दाखिल करें। साथ ही, अंतरिम रोक की अर्जी का जवाब चार हफ्तों के अंदर दाखिल करना अनिवार्य होगा। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 2 अप्रैल 2026 की तारीख तय की है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m