दिल्ली मेट्रो के फेज-5ए के तहत तीन नए कॉरिडोर बनने से राजधानी में इंटरचेंज स्टेशनों की संख्या में बड़ा इजाफा होगा। इससे खासतौर पर मैजेंटा लाइन पर यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी और सफर पहले से अधिक आसान हो जाएगा। नई योजना के तहत मैजेंटा लाइन पर 21 स्टेशनों पर यात्री मेट्रो बदलकर अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। इससे दिल्ली-एनसीआर के लोगों को बीच में यात्रा छोड़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि इंटरचेंज के जरिए सीधे घर या दफ्तर के नजदीकी स्टेशन तक पहुंचना आसान होगा। डीएमआरसी के अनुसार, बॉटेनिकल गार्डन से इंद्रलोक तक विस्तारित मैजेंटा लाइन पर कुल 65 स्टेशन होंगे, जिनमें से 40 स्टेशन भूमिगत होंगे। इन तीनों कॉरिडोर के शुरू होने से सेंट्रल विस्टा और कर्तव्य भवन में काम करने वाले करीब 60 हजार कर्मचारियों समेत लगभग 8 लाख यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह महत्वपूर्ण परियोजना प्रधानमंत्री के परिवहन से जुड़े ‘7-सी विजन’ को धरातल पर उतारने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि 7-सी का अर्थ है साझा (कॉमन), सुलभ (कनेक्टेड), सुविधाजनक, जाम-मुक्त (कंजेशन फ्री), ऊर्जावान (चार्ज्ड), साफ-स्वच्छ (क्लीन) और अत्याधुनिक (कटिंग एज) परिवहन।
यहां कर सकेंगे इंटरचेंज
विस्तार के बाद मैजेंटा लाइन पर कुल 21 इंटरचेंज स्टेशन होंगे, जिससे यात्रियों को अलग-अलग कॉरिडोर पर आसानी से मेट्रो बदलने की सुविधा मिलेगी। वर्तमान में इस खंड में कालकाजी मंदिर, बॉटेनिकल गार्डन, जनकपुरी पश्चिम और हौज खास ये चार इंटरचेंज स्टेशन हैं। फेज-4 और फेज-5ए के तहत 17 नए इंटरचेंज स्टेशन जोड़े जाएंगे। इनमें कालिंदी कुंज, चिराग दिल्ली, टर्मिनल-1 (आईजीआई एयरपोर्ट), पीरागढ़ी, पीतमपुरा, हैदरपुर बादली मोड़, मजलिस पार्क, आजादपुर, पुलबंगश, नबी करीम, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, शिवाजी स्टेडियम, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, इंद्रप्रस्थ, दिल्ली गेट, नई दिल्ली और इंद्रलोक शामिल हैं।
दिल्ली मेट्रो के फेज-4 और फेज-5ए के निर्माण के बाद मैजेंटा लाइन राजधानी की सबसे लंबी मेट्रो लाइन बन जाएगी। इसका विस्तार बढ़कर करीब 89 किलोमीटर हो जाएगा, जिससे दिल्ली-एनसीआर के लाखों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
कॉरिडोर-1: आरके आश्रम मार्ग–इंद्रप्रस्थ विस्तार
फेज-5ए के तहत आरके आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक सेक्शन का विस्तार किया जाएगा। इस कॉरिडोर में प्रस्तावित स्टेशन हैं-आरके आश्रम मार्ग, शिवाजी स्टेडियम, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, कर्तव्य भवन, इंडिया गेट, वॉर मेमोरियल–हाई कोर्ट, बड़ौदा हाउस, भारत मंडपम और इंद्रप्रस्थ। यह कॉरिडोर सेंट्रल विस्टा क्षेत्र और आसपास के प्रमुख सरकारी कार्यालयों की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा।
कॉरिडोर-2: तुगलकाबाद–कालिंदी कुंज सेक्शन
दूसरे कॉरिडोर में तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक सेक्शन का विस्तार होगा, जो एरोसिटी–तुगलकाबाद कॉरिडोर का हिस्सा है। इससे हवाई अड्डे की कनेक्टिविटी तुगलकाबाद, साकेत और कालिंदी कुंज जैसे इलाकों से और बेहतर होगी।
कॉरिडोर-3: एरोसिटी से IGI टर्मिनल-1 तक सीधी कनेक्टिविटी
दिल्ली मेट्रो के विस्तार के तहत कॉरिडोर-3 में एरोसिटी स्टेशन को आगे इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 से जोड़ा जाएगा। इससे एयरपोर्ट तक मेट्रो नेटवर्क और मजबूत होगा। तुगलकाबाद–कालिंदी कुंज सेक्शन पर इस विस्तार के तहत सरिता विहार डिपो, मदनपुर खादर और कालिंदी कुंज स्टेशन शामिल होंगे।
इन्हें होगा फायदा
इस रूट से आरके आश्रम मार्ग (निर्माणाधीन), शिवाजी स्टेडियम, सेंट्रल सेक्रेटेरियट, सीसीएस बिल्डिंग्स, कर्तव्य भवन, इंडिया गेट, वॉर मेमोरियल-हाईकोर्ट, बड़ौदा हाउस, भारत मंडपम और इंद्रप्रस्थ जैसे महत्वपूर्ण स्थान सीधे मेट्रो नेटवर्क से जुड़ेंगे। यह विस्तार सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों और आम यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।
दक्षिणी दिल्ली को लाभ
दिल्ली मेट्रो के फेज-5ए के तहत प्रस्तावित तुगलकाबाद–कालिंदी कुंज कॉरिडोर दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के इलाकों को बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इसके बनने से स्थानीय यात्रियों का आवागमन अधिक सहज और तेज होगा। इस कॉरिडोर से कालिंदी कुंज, तुगलकाबाद, जसौला, मदनपुर खादर, सरिता विहार और हरकेश नगर समेत कई क्षेत्रों के लोगों को सीधे लाभ मिलेगा। इन इलाकों के निवासियों को रोजगार केंद्रों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य प्रमुख स्थानों तक पहुंचने में सुविधा होगी। इस परियोजना की अनुमानित लागत 1,024.87 करोड़ रुपये बताई गई है। मेट्रो विस्तार से न केवल सार्वजनिक परिवहन मजबूत होगा, बल्कि सड़क यातायात के दबाव में भी कमी आने की उम्मीद है।
यात्रियों को होगी बड़ी सुविधा
इस कॉरिडोर के बनने से नोएडा से एयरपोर्ट तक पहुंचना आसान हो जाएगा। इसके अलावा तुगलकाबाद, बदरपुर, महिपालपुर सहित दक्षिणी दिल्ली के निवासियों के लिए भी एयरपोर्ट की राह सरल और तेज हो जाएगी। हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को एयरपोर्ट तक सीधी और तेज मेट्रो कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे निजी वाहनों और टैक्सियों पर निर्भरता कम होगी। इससे ट्रैफिक दबाव में कमी आने और यात्रा समय घटने की उम्मीद है।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक


