दिल्ली नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2025–26 में संपत्ति कर संग्रह के क्षेत्र में नया इतिहास रच दिया है। निगम की ‘सुनियो’ (SUNIYO) संपत्ति कर माफी योजना को मिले जबरदस्त समर्थन और प्रशासन की रणनीतिक कार्यशैली के चलते कर राजस्व में अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आंकड़े बताते हैं कि यह पहल न केवल सफल रही है, बल्कि आने वाले समय में नगर निगम की वित्तीय स्थिति को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

प्रोपर्टी टैक्स संग्रह में अब तक की सबसे बड़ी छलांग

दिल्ली नगर निगम के असेसमेंट एंड कलेक्शन विभाग ने 31 दिसंबर 2025 तक संपत्ति कर के रूप में 2,705 करोड़ रुपये से अधिक संग्रह कर लिया है। यह आंकड़ा पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि की तुलना में लगभग 45 प्रतिशत अधिक है। नगर निगम के इतिहास में यह अब तक का सबसे बड़ा संपत्ति कर संग्रह माना जा रहा है, जिसने निगम के वित्तीय प्रबंधन के नए मानक स्थापित किए हैं।

टैक्सपेयर्स की संख्या बढ़ी

वित्तीय वर्ष 2024–25 की तुलना में दिल्ली नगर निगम में संपत्ति करदाताओं की संख्या में करीब 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जहां पिछले वर्ष करदाताओं की संख्या 10,31,177 थी, वह बढ़कर अब 12,43,375 हो गई है। इस उपलब्धि के पीछे महापौर सरदार राजा इक़बाल सिंह का दूरदर्शी नेतृत्व और असेसमेंट एंड कलेक्शन विभाग के अथक प्रयास अहम माने जा रहे हैं।

असेसमेंट एंड कलेक्शन विभाग ने इस रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन का श्रेय निगम आयुक्त अश्वनी कुमार के नेतृत्व में अपनाई गई बहुआयामी रणनीति को दिया है। इसमें करदाता सुविधा बढ़ाना, स्वैच्छिक अनुपालन को प्रोत्साहित करना, और प्रभावी प्रवर्तन पर विशेष जोर शामिल है। इसके साथ ही डिजिटल प्लेटफॉर्म और सरल प्रक्रियाओं ने करदाताओं का भरोसा बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

‘सुनियो’ योजना ने बदली तस्वीर

दिल्ली नगर निगम में अभूतपूर्व संपत्ति कर संग्रह का सबसे बड़ा कारण ‘सुनियो’ (SUNIYO) संपत्ति कर माफी योजना 2025–26 रही है। योजना के तहत करदाता यदि वित्तीय वर्ष 2025–26 का वर्तमान कर और पिछले पांच वर्षों (2020–21 से 2024–25 तक) का बकाया कर जमा करते हैं, तो उन्हें ब्याज और जुर्माने में पूरी छूट दी जा रही है। इस प्रावधान ने बड़ी संख्या में लोगों को कर भुगतान के लिए प्रेरित किया, जिससे नगर निगम के कर राजस्व में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज हुई।

‘सुनियो’ योजना से किसे मिला फायदा?

SUNIYO संपत्ति कर माफी योजना से उन करदाताओं को विशेष लाभ मिला है, जिन्होंने पहले गलत कर रिटर्न दाखिल किया था या कम कर का भुगतान किया था। इसके अलावा, योजना ने उन करदाताओं को भी मौका दिया है, जिन्होंने केवल एक या दो वर्षों का कर भरा और बाकी वर्षों में भुगतान नहीं किया। इस प्रकार, योजना ने सभी लंबित और अनियमित मामलों को नियमित करने का अवसर प्रदान किया, जिससे निगम के कर संग्रह में भी महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है।

1.70 लाख से अधिक करदाताओं ने उठाया लाभ

31 दिसंबर 2025 तक लगभग 1.70 लाख करदाताओं ने SUNIYO संपत्ति कर माफी योजना का लाभ लिया। इसके परिणामस्वरूप निगम को करीब 933 करोड़ रुपये का अतिरिक्त संपत्ति कर राजस्व प्राप्त हुआ। विशेष रूप से, इसमें लगभग 91 हजार नए करदाताओं से 320 करोड़ रुपये का कर संग्रह शामिल है, जो कर आधार के विस्तार को दर्शाता है और नगर निगम की वित्तीय स्थिति को और मजबूत करता है।

अब भी लाखों करदाता योजना से बाहर!

दिल्ली नगर निगम के अनुसार, अभी भी 6 लाख से अधिक पंजीकृत करदाता ऐसे हैं जिन्होंने या तो कम कर जमा किया है या अब तक कोई भुगतान नहीं किया। नगर निगम ने ऐसे सभी करदाताओं से अपील की है कि वे डीएमसी अधिनियम 1957 के तहत संभावित दंडात्मक कार्रवाई से बचने के लिए SUNIYO योजना का लाभ उठाएं। साथ ही, जो लोग अब तक कर के दायरे में नहीं आए हैं, उनसे भी आगे आने और नियमित भुगतान करने का आग्रह किया गया है।

31 जनवरी 2026 तक बढ़ी योजना, बाद में सख्ती तय

करदाताओं की सुविधा को देखते हुए ‘SUNIYO’ संपत्ति कर माफी योजना को 5 प्रतिशत के मामूली जुर्माने के साथ 31 जनवरी 2026 तक बढ़ा दिया गया है। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि इसके बाद कर न भरने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। करदाता नगर निगम के आधिकारिक संपत्ति कर पोर्टल www.mcdonline.nic.in/ptrmcd के माध्यम से योजना का लाभ उठा सकते हैं।

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