दिल्ली में बिजली कटौती की अफवाहों के बीच, बिजली मंत्री आशीष सूद ने सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को गलत बताते हुए कड़ा रुख अपनाया है. सूद ने कहा कि फर्जी अकाउंट्स के जरिए दिल्ली में बिजली कटौती की झूठी सूचनाएं फैलायी जा रही हैं. उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि ये फर्जी अकाउंट्स न केवल जनता को भ्रमित कर रहे हैं, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक अस्थिरता भी उत्पन्न कर रहे हैं.

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सूद ने आरोप लगाया कि वर्तमान विपक्ष के नेता आतिशी और अरविंद केजरीवाल ने इन नकली ट्वीट्स को रीट्वीट किया है. विशेष रूप से, मुंबई के खाते से बिजली कटौती की गलत जानकारी को दोनों ने साझा किया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि चाहे विपक्ष के नेता हों या कोई अन्य, इस तरह की अफवाहें फैलाने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

‘बढ़ा-चढ़ा कर पेश किए गए बिजली कटौती के आंकड़े’

मंत्री ने बताया कि दिल्ली में बिजली कटौती के आंकड़े वास्तविकता से अधिक बढ़ा-चढ़ा कर प्रस्तुत किए जा रहे हैं. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पिछले 10 वर्षों में दिल्ली में बिजली कटौती की घटनाएं 2 लाख 72 हजार से अधिक बार हुई हैं, जो प्रतिदिन औसतन 75 बार के हिसाब से दर्ज की गई हैं.

आशीष सूद ने पूर्व मंत्रियों और वर्तमान नेताओं के निवासों में जनरेटर की उपस्थिति पर संदेह व्यक्त किया. उन्होंने यह सवाल उठाया कि यदि बिजली की कटौती नहीं होती, तो इन जनरेटर की आवश्यकता क्यों होती?

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आतिशी ने किया था बिजली कटौती का दावा

नेता प्रतिपक्ष ने कल यह आरोप लगाया कि उनके निवास पर बिजली चली गई थी. इस संबंध में आतिशी ने ट्वीट किया. आशीष सूद ने बताया कि आतिशी के घर में बिजली दो फीडर से आती है और कल केवल 18 मिनट 7 सेकंड के लिए बिजली की आपूर्ति बाधित हुई थी. उन्होंने यह भी कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने कानून और व्यवस्था को बिगाड़ने का प्रयास किया है, जिसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

AAP विधायक ने रखा था बिजली कटौती के मुद्दे पर प्रस्ताव

आम आदमी पार्टी के विधायक कुलदीप कुमार ने बिजली कटौती के विषय पर एक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव प्रस्तुत किया, जिसे विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने स्वीकृति दी. हालांकि, चर्चा के दौरान विपक्ष सदन में उपस्थित नहीं था. उनकी अनुपस्थिति में बिजली मंत्री आशीष सूद ने इस पर उत्तर दिया.

‘फर्जी अकाउंट को बढ़ावा दे रहीं आतिशी’

उन्होंने आरोप लगाया कि एक्स पर नकली अकाउंट से झूठी पोस्ट साझा की जा रही हैं, जिसमें कहा जा रहा है कि उनके शासन में बिजली कटौती नहीं होती थी, जबकि अब घंटों तक बिजली कटौती हो रही है. केजरीवाल और आतिशी ऐसे फर्जी अकाउंट से की गई पोस्ट को समर्थन दे रहे हैं.

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उन्होंने यह आरोप लगाया कि आपके शासन में पिछले एक वर्ष में 21,597 बार और पिछले दस वर्षों में 2.72 लाख से अधिक बार एक घंटे से अधिक समय के लिए बिजली कट गई. उन्होंने यह भी कहा कि नेता प्रतिपक्ष सुबह से कई वीडियो साझा कर यह दावा कर रही हैं कि उनके निवास पर कई बार बिजली चली गई है.

सच्चाई यह है कि उनके घर में बिजली की आपूर्ति दो फीडरों से होती है. पहले भी उनके घर में बिजली कटने की घटनाएं हो चुकी हैं. पिछले वर्ष 11 मई को बिजली 57 मिनट 48 सेकंड के लिए चली गई थी. इसके अलावा, 3 मई को 29 मिनट 56 सेकंड, 30 मई को 29 मिनट 50 सेकंड, 18 जून को 23 मिनट 51 सेकंड और 19 जुलाई को 22 मिनट 20 सेकंड तक बिजली नहीं थी.

मंत्री का आतिशी से सवाल

उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि यदि उनके शासन में बिजली की कटौती नहीं हुई, तो फिर शीशमहल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और कई मंत्रियों के निवासों में डीसी सेट क्यों स्थापित किए गए हैं?

उन्होंने बताया कि गर्मी के मौसम को देखते हुए बिजली नेटवर्क को सुधारने और ट्रांसफार्मरों की क्षमता को बढ़ाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में कुछ समय के लिए बिजली कटौती की जा रही है. विपक्ष इस प्रक्रिया में भ्रम उत्पन्न करके इसे बाधित करने का प्रयास कर रहा है, लेकिन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में यह सरकार अपने कार्य को जारी रखेगी.

‘आशीष सूद अपना फोन नंबर दे दें’

आशीष सूद के बयान पर आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिन फर्जी खातों का उल्लेख आशीष सूद कर रहे हैं, वे चुनाव से पहले भाजपा के लिए वोट मांग रहे थे. इन खातों के माध्यम से यह संदेश फैलाया जा रहा था कि अरविंद केजरीवाल को हटाना है और भाजपा की सरकार बनानी है. जबकि वे लोग सीए नंबर प्रदान कर रहे हैं और बीएसईएस उनका जवाब दे रही है. जो लोग इस मुद्दे पर सड़कों पर थे, क्या वे भी फर्जी थे? आशीष सूद को चाहिए कि वे अपना फोन नंबर साझा करें, ताकि लोग सीधे उन पर शिकायत कर सकें.

बिजली कटेगी तो कंपनियों को लगेगा जुर्माना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने बिजली उपभोक्ता अधिकार अधिनियम 2020 के अंतर्गत बिजली कंपनियों को 24 घंटे बिजली प्रदान करने का आदेश दिया है. यदि इस आदेश का उल्लंघन होता है, तो उपभोक्ताओं को 10 रुपये प्रति किलोवाट प्रति घंटे के हिसाब से जुर्माना भुगतना पड़ सकता है. दिल्ली में इस नियम को लागू न करने के कारणों की जांच की जाएगी.

उन्होंने बताया कि बिजली आपूर्ति में सुधार लाने के लिए 15 मई तक ट्रांसफार्मर के परिवर्तन का कार्य पूरा कर लिया जाएगा. मुंडका में 20 मेगावाट बिजली संग्रहण प्रणाली का विकास किया जा रहा है, जिसका परीक्षण 12 अप्रैल तक समाप्त हो जाएगा. इसके अलावा, ऊर्जा मंत्री के कार्यालय में एक 24 घंटे कार्यरत नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है.