रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार मार्च के तीसरे सप्ताह में वित्त वर्ष 2026–27 का वार्षिक बजट पेश कर सकती है। बजट को लेकर तैयारियां तेज़ हो गई हैं और विभिन्न विभागों के साथ मंथन का दौर शुरू होने वाला है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सोमवार से वित्त और योजना विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अहम बैठकें शुरू कर सकती हैं। इन बैठकों में बजट की प्राथमिकताएं तय करने, प्रमुख योजनाओं की समीक्षा करने और नए प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक इस बार के बजट में बिजली और पानी जैसे बुनियादी मुद्दों पर विशेष फोकस रह सकता है, ताकि आम लोगों को राहत देने वाली घोषणाएं की जा सकें। साथ ही बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं के लिए भी बड़े प्रावधान किए जाने की उम्मीद है।
दिल्ली सरकार के अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि वित्त वर्ष 2026–27 के वार्षिक बजट को लेकर होने वाली बैठकों में विभिन्न विभागों के लिए फंड के बंटवारे और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को तय किया जाएगा। इन बैठकों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकार की प्रमुख योजनाओं और जनता से जुड़े अहम सेक्टरों को पर्याप्त संसाधन मिल सकें। एक अधिकारी ने बताया कि अगले वित्तीय वर्ष के बजट की रूपरेखा तैयार करने पर विस्तृत चर्चा अगले सप्ताह से शुरू होगी। इस दौरान विभागवार प्रस्ताव, खर्च का आकलन और नई योजनाओं की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा।
सड़क-पानी पर रहेगा फोकस
दिल्ली सरकार के 2026–27 बजट में इस बार बड़े प्रोजेक्ट्स, सड़कों और पानी के इंफ्रास्ट्रक्चर को विस्तार देने पर खास जोर रहने की संभावना है। इसके साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा, सार्वजनिक परिवहन, प्रदूषण नियंत्रण के उपाय और विभिन्न कल्याणकारी सेवाओं को भी प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि शहरी सुविधाओं में सुधार के साथ आम लोगों को सीधा लाभ मिल सके। पिछले साल सत्ता में आई भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार ने हाल ही में अपना एक वर्ष पूरा किया है और यह बजट उसके दूसरे साल की नीतिगत दिशा तय करने वाला माना जा रहा है।
वित्त वर्ष 2025–26 में सरकार ने 1 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया था, जो उस समय दिल्ली के इतिहास का रिकॉर्ड बजट था। उस बजट में भी स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परिवहन इंफ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक कल्याण योजनाओं पर विशेष फोकस रखा गया था।
1 लाख करोड़ से अधिक रहेगा बजट
अधिकारियों के अनुसार दिल्ली सरकार का 2026–27 का बजट, 2025–26 के 1 लाख करोड़ रुपये के आवंटन से थोड़ा बड़ा हो सकता है। यह पिछले वर्षों के रुझान के अनुरूप है, जिसमें राजधानी का बजट आकार हर साल धीरे-धीरे बढ़ता रहा है। बजट बढ़ने की मुख्य वजह टैक्स संग्रह और अन्य सरकारी राजस्व में वृद्धि के साथ-साथ इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज्यादा खर्च को माना जा रहा है। हालांकि, सरकार ने संकेत दिए हैं कि खर्च बढ़ाने के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन भी बनाए रखा जाएगा, ताकि कर्ज और घाटा नियंत्रण में रहे। फिलहाल बजट का वास्तविक आकार और किस सेक्टर को कितना आवंटन मिलेगा, यह आधिकारिक तौर पर बजट पेश होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
दिल्ली सरकार ने 2026–27 के बजट की तैयारी के तहत साल की शुरुआत में ही विभिन्न विभागों के साथ बैठकें कर ली थीं, ताकि यह आकलन किया जा सके कि मौजूदा वित्तीय वर्ष में आवंटित फंड का कितना उपयोग हुआ और किन क्षेत्रों में अतिरिक्त धन की जरूरत है। सूत्रों के अनुसार, दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र मार्च में आयोजित होने की संभावना है। सामान्यतः बजट सत्र वर्ष का पहला सत्र होता है, लेकिन इस बार यह 2026 का दूसरा सत्र होगा, क्योंकि विधानसभा का शीतकालीन सत्र जनवरी में ही संपन्न हो चुका है।
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