राजधानी का धौला कुआं जंक्शन, जो लंबे समय से भारी ट्रैफिक और बरसात में जलभराव की समस्या के लिए कुख्यात रहा है, अब जल्द ही नया रूप लेने जा रहा है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने इस व्यस्ततम जंक्शन को जाम-मुक्त और यात्रियों के लिए सुविधाजनक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। योजना के तहत सड़कों का चौड़ीकरण, नया स्लिप रोड और अन्य अहम बदलाव किए जाएंगे।

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स्लिप रोड का नया प्लान

धौला कुआं जाम से राहत दिलाने के लिए NHAI ने तीन लेन का नया स्लिप रोड बनाने की योजना तैयार की है। यह स्लिप रोड खासतौर पर NH-48 से नरेना जाने वाले वाहनों को सीधा रास्ता देगा। इसके लिए सुब्रोतो पार्क पुलिस पोस्ट के पास 785 वर्ग मीटर जमीन मांगी गई है। प्रोजेक्ट के तहत पुलिस पोस्ट का हिस्सा भी थोड़ा शिफ्ट किया जाएगा। दिल्ली पुलिस ने इस योजना को लेकर एनएचएआई को डिज़ाइन और लागत का अनुमान भेज दिया है, जिस पर विचार चल रहा है।

सड़कें होंगी चौड़ी, लेकिन पेड़ों का क्या?

NH-48 पर सुब्रोतो पार्क एयर फोर्स स्टेशन के पास सड़क चौड़ी करने की योजना भी बनाई गई है। इसके लिए करीब 78 पेड़ों को काटने या शिफ्ट करने की जरूरत होगी। 2024 में इसके लिए मंजूरी मिल चुकी थी, लेकिन जुलाई में अदालत ने काम पर रोक लगा दी थी। अब वह रोक हट चुकी है और मामला सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी के पास विचाराधीन है।

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2018 में परेड रोड जंक्शन पर एनएचएआई ने एक स्लिप लेन शुरू की थी, जिससे एयरपोर्ट की ओर जाने वाले वाहनों को काफी राहत मिली थी। इसके बावजूद धौला कुआं का जाम अब भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।

जलभराव से निजात की योजना

बरसात के दिनों में धौला कुआं जंक्शन अक्सर पानी में डूब जाता है और सड़कें तालाब जैसी दिखाई देने लगती हैं। इससे यात्रियों की परेशानी कई गुना बढ़ जाती है। इस समस्या से निपटने के लिए एनएचएआई ने तीन चरणों में समाधान की रूपरेखा तैयार की है—

पहला चरण : धौला कुआं जंक्शन से परेड ग्राउंड तक का हिस्सा।

दूसरा चरण : परेड रोड जंक्शन से उलन बटार मार्ग तक।

तीसरा चरण : द्वारका रोड से थिम्मया मार्ग तक।

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हालिया जांच में सामने आया कि NH-48 के पिलर नंबर 156 के पास बनी नाली का कोई आउटलेट ही नहीं है। इसी वजह से बारिश का पानी जमा होकर अंडरपास तक बाढ़ जैसी स्थिति पैदा कर देता है। इस समस्या को देखते हुए एनएचएआई ने फिलहाल अस्थायी पंप लगाए हैं और नालियों की सफाई के साथ नया आउटलेट बनाने का काम भी शुरू कर दिया है। वहीं, दिल्ली पीडब्ल्यूडी ने भी परेड ग्राउंड इलाके में अतिरिक्त पंप लगाने का निर्णय लिया है ताकि पानी की निकासी तेज़ी से हो सके और यात्रियों को राहत मिले।

हाई-लेवल मीटिंग में बनी रणनीति

पिछले हफ्ते दिल्ली सरकार ने NHAI और अन्य विभागों (दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, PWD, BSES, दिल्ली जल बोर्ड और MCD) के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की। इसमें टोल प्लाजा पर जाम, राजस्व विवाद, टोलिंग सिस्टम अपग्रेड करने, अतिक्रमण और कचरा डंपिंग जैसी समस्याओं पर चर्चा हुई। सिरहोल-राजोकरी बॉर्डर (NH-48), दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, बदरपुर बॉर्डर (NH-19/44) और द्वारका एक्सप्रेसवे को जाम के प्रमुख हॉटस्पॉट्स के रूप में चिह्नित किया गया है।

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राहत की उम्मीद

अगर ये योजनाएं समय पर पूरी होती हैं तो धौला कुआं जंक्शन पर ट्रैफिक और जलभराव की समस्या से यात्रियों को काफी राहत मिल सकती है। हालांकि इसके लिए सभी विभागों को तालमेल और तेजी से काम करना होगा।

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