दिल्ली के तीन प्रमुख अंतरराज्यीय बस अड्डों कश्मीरी गेट, आनंद विहार और सराय काले खां का कायाकल्प होने जा रहा है। यह परियोजना दिल्ली ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (DTIDC) द्वारा अगले महीने से शुरू की जाएगी और इसे छह महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। DTIDC अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना पर कुल 34 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। कायाकल्प के तहत बस अड्डों में सिविल, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रोमैकेनिकल मरम्मत के साथ-साथ यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाओं का इंतजाम किया जाएगा। यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए पैसेंजेर इन्फॉर्मेशन सिस्टम, एंट्री गेट पर RFID आधारित मॉनिटरिंग, और रियल टाइम जानकारी के लिए एलईडी डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएंगे।
यात्रियों के लिए नई सुविधाएं
डिजिटल ऑटोमेटेड टिकटिंग मशीनें लगाई जाएंगी, जिससे टिकटिंग का काम तेज और आसान होगा। एस्केलेटर और ट्रैवलर्स (मूविंग वॉकवे) की व्यवस्था, ताकि यात्रियों को ज्यादा पैदल चलने की जरूरत न पड़े। नए फूड कोर्ट, क्लॉकरूम, बेबी फीडिंग और चेंजिंग एरिया तैयार किए जाएंगे। शानदार वेटिंग लाउंज बनाए जाएंगे, जिससे यात्रियों को आरामदायक इंतजार की सुविधा मिले।
इंफ्रास्ट्रक्चर और पार्किंग
बसों के लिए मल्टीलेवल पार्किंग स्ट्रक्चर का निर्माण किया जाएगा। बिल्डिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को भी पूरी तरह से सुधारा जाएगा, जिससे बस अड्डा आधुनिक और सुरक्षित बने। DTIDC के अधिकारियों के अनुसार, इन सभी बदलावों के बाद दिल्ली के आईएसबीटी देश के सबसे आधुनिक और सुविधाजनक बस अड्डों में शामिल हो जाएंगे। परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 34 करोड़ रुपये है और इसे 6 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
यात्रियों को वर्ल्ड क्लास सुविधा
जुलाई 2025 में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक की थी। बैठक में अधिकारियों को यात्री सुविधाओं और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। यह निर्णय लिया गया कि बस अड्डों को आधुनिक और सुरक्षित बनाया जाए, ताकि यात्रियों का अनुभव एयरपोर्ट जैसी सुविधा वाला लगे। दिल्ली सरकार का लक्ष्य है कि तीनों आईएसबीटी में वर्ल्ड क्लास सुविधाएं मुहैया कराई जाएं। इसमें डिजिटल टिकटिंग, मल्टीलेवल पार्किंग, फूड कोर्ट, क्लॉकरूम, बेबी फीडिंग और चेंजिंग एरिया, एस्केलेटर और मूविंग वॉकवे जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। परियोजना का उद्देश्य यात्रियों को आरामदायक, सुरक्षित और आधुनिक अनुभव देना है।
पैदल यात्रियों और वाहनों के लिए व्हीकल फ्री जोन बनाए जाएंगे ताकि पैदल यात्री आसानी से और सुरक्षित रूप से यात्रा कर सकें। ऊंचे गलियारे और सुगम पैदल मार्ग तैयार किए जाएंगे। बस अड्डों के बाहर ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस के साथ समन्वय किया जाएगा। आने वाले वर्षों में इन टर्मिनलों से रोजाना लाखों यात्री सफर करेंगे। सरकार का लक्ष्य है कि बस अड्डों का डिजाइन इस तरह हो कि भविष्य में भी यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो।
कमर्शियल एक्टिविटी भी शुरू करने की तैयारी
आईएसबीटी की जमीन के हिस्से पर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, कैफे और ऑफिस बनाए जाएंगे। यात्रियों और छात्रों के लिए बजट होटल और छात्रावास विकसित किए जाएंगे। परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह कदम सरकार के रेवन्यू में वृद्धि के साथ-साथ यात्रियों के लिए अतिरिक्त सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। बस अड्डों पर आने वाले यात्रियों को आराम और सुविधा दोनों मिलेंगी। लंबी दूरी की यात्रा के दौरान खाना-पीना, ठहराव और आराम के विकल्प आसानी से उपलब्ध होंगे। आईएसबीटी का माहौल केवल ट्रांसपोर्ट हब नहीं, बल्कि आधुनिक व वाणिज्यिक केंद्र जैसा बन जाएगा।
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