दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के पालम इलाके में भीषण आग की घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। इस दर्दनाक हादसे में नौ लोगों की जान चली गई, जिससे एक ही परिवार पूरी तरह उजड़ गया। हादसे के बाद दिल्ली सरकार एक्शन मोड में नजर आ रही है। सरकार ने शहर भर की कमर्शियल यूनिट्स की मैपिंग और फायर सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश जारी किए हैं। दिल्ली के होम मिनिस्टर आशीष सूद ने गुरुवार को अधिकारियों को इस संबंध में जरूरी निर्देश दिए।

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हादसे के बाद दिल्ली सरकार एक्शन मोड में आ गई है। सरकार ने शहरभर में फायर सेफ्टी ऑडिट कराने और कमर्शियल यूनिट्स की मैपिंग के निर्देश जारी किए हैं। दिल्ली के होम मिनिस्टर आशीष सूद ने गुरुवार को अधिकारियों को इस संबंध में सख्त निर्देश दिए। इस बार फायर सेफ्टी ऑडिट का दायरा बढ़ाया गया है। अब तक यह प्रक्रिया ज्यादातर बड़े कॉमर्शियल इलाकों तक सीमित थी, लेकिन अब रिहायशी इलाकों में चल रहे सभी प्रकार के संस्थानों को भी इसके दायरे में शामिल किया गया है। यानी छोटी दुकानों, दफ्तरों और घरों में चल रहे व्यवसायों का भी फायर सेफ्टी ऑडिट किया जाएगा।

आशीष सूद ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य सुरक्षा उपायों में कमियों की पहचान करना और यह सुनिश्चित करना है कि रिहायशी क्षेत्रों में चल रही दुकानों या फैक्ट्रियों में सभी नियमों का पालन हो रहा है या नहीं। उन्होंने आगे कहा, “हर वर्कर और परिवार सुरक्षित महसूस करना चाहिए, चाहे वह कहीं भी हों। सुरक्षा व्यवस्था में मौजूद कमियों को दूर करने और एहतियाती कदमों को और मजबूत बनाया जा रहा है। इस काम को तेजी और सही तरीके से पूरा करने के लिए थर्ड-पार्टी एक्सपर्ट्स की मदद ली जाएगी।”

उपराज्यपाल ने जारी किए थे निर्देश

इससे पहले, उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने बुधवार को दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अपनी पहली बैठक की अध्यक्षता की थी। इस दौरान उन्होंने भी पूरी दिल्ली में फायर सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए थे।

निचली और पहली मंजिल पर शोरूम

दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के पालम इलाके के साध नगर स्थित राम चौक मार्केट में बुधवार सुबह हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर दिया। इस दर्दनाक हादसे में नौ लोगों की मौत हो गई, जिससे एक ही परिवार पूरी तरह उजड़ गया। जानकारी के मुताबिक, इमारत की निचली और पहली मंजिल पर कपड़े और कॉस्मेटिक का शोरूम था, जबकि परिवार सबसे ऊपर की मंजिल पर रहता था। सुबह करीब 7 बजे आग लगी, जो देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग में फैल गई।

पुलिस के अनुसार, इस हादसे में राजेंद्र की पत्नी लाडो (70), उनके बेटे प्रवेश (33) और कमल (39), कमल की पत्नी आशु (35) और उनकी तीन बेटियां (15, 6 और 3 वर्ष), लाडो की बेटी हिमांशी (22) और बहू दीपिका (28) की जान चली गई। घटना के समय परिवार के कुछ सदस्य घर पर मौजूद नहीं थे। सुनील और उनकी पत्नी गौरी छुट्टियां मनाने बाहर गए हुए थे, वहीं प्रवेश ने हादसे से कुछ ही देर पहले अपनी पत्नी और बेटे को मायके छोड़ दिया था, जिससे उनकी जान बच गई। मौके पर राहत और बचाव के लिए करीब 30 दमकल वाहन और 11 एंबुलेंस भेजी गईं। दमकल कर्मियों ने घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

राहत कार्य में लापरवाही के आरोप

घटना के बाद आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल, सौरभ भारद्वाज और संजय सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनका हाल जाना और हर संभव मदद का भरोसा दिया। इस दौरान माहौल काफी भावुक था और परिजनों का दर्द साफ झलक रहा था। अरविंद केजरीवाल ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हादसे के समय फायर ब्रिगेड समय पर नहीं पहुंची। उन्होंने यह भी कहा कि मौके पर मौजूद हाइड्रोलिक लिफ्ट सही से काम नहीं कर रही थी, जिससे राहत और बचाव कार्य प्रभावित हुआ। उनका कहना है कि अगर समय रहते सही तरीके से कार्रवाई होती, तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी की है।

BJP कार्यकर्ताओं पर भी आरोप

अरविंद केजरीवाल ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हादसे के समय फायर ब्रिगेड समय पर नहीं पहुंची, और मौके पर मौजूद हाइड्रोलिक लिफ्ट सही से काम नहीं कर रही थी, जिससे राहत और बचाव कार्य प्रभावित हुआ। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ बीजेपी कार्यकर्ताओं ने मौके पर हंगामा किया और पीड़ित परिवारों के साथ बदसलूकी की, जिससे जिस परिवार ने एक साथ 9 लोगों को खोया, उसे डराया और धमकाया जा रहा है। वहीं, दिल्ली सरकार की ओर से मंत्री आशीष सूद ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि सरकार इस घटना को बेहद गंभीरता से ले रही है और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

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