चंडीगढ़. पंजाब में ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा’ योजना को जनता के पैसे की बर्बादी बताते हुए एडवोकेट अरोड़ा द्वारा एक जनहित याचिका दायर की गई है। पंजाब सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा है। इस पर हाईकोर्ट ने सरकार को 2 हफ्ते की मोहलत दी है।
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इसमें उन्होंने इस योजना को रद्द करने की मांग की है। गौरतलब है कि 27 नवंबर को गुरुपर्व के मौके पर ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा’ योजना शुरु की गई थी। इस स्कीम के तहत पंजाब के 60 वर्ष से अधिक आर्थिक रूप से कमजोर बुजुर्गों को देशभर के तीर्थ स्थानों की मुफ्त यात्रा करवाई जाएगी।
मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत श्री हजूर साहिब, श्री पटना साहिब, वाराणसी, मथुरा, वृंदावन और अजमेर शरीफ की यात्रा ट्रेन से की जाएगी। इसके अलावा श्री अमृतसर साहिब, श्री तलवंडी साबो, श्री आनंदपुर साहिब, माता ज्वालाजी, चिंतपूर्णी देवी, नैना देवी, माता वैष्णो देवी, सालासर बालाजी धाम और खाटू श्याम धाम की यात्रा बसों के माध्यम से करवाई जाएगी।
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